पाक ब्रह्मपुत्र नदी के प्रवाह को लेकर बनावटी डर फैलाने की कोशिश कर रहा: हिमंत

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 03 Jun 2025 07:16 PM
पाक ब्रह्मपुत्र नदी के प्रवाह को लेकर बनावटी डर फैलाने की कोशिश कर रहा: हिमंत
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गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि भारत द्वारा सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को स्थगित करने के बाद, पाकिस्तान एक नया “बनावटी डर” फैलाने की कोशिश रहा है कि अगर चीन ने देश में ब्रह्मपुत्र का प्रवाह रोक दिया तो क्या होगा. शर्मा ने स्पष्ट किया कि चीन ने ऐसा कोई कदम उठाने की घोषणा नहीं की है, लेकिन अगर ऐसा होता भी है, तो इससे असम में हर साल आने वाली बाढ़ को कम करने में मदद मिलेगी.

उन्होंने कहा कि ब्रह्मपुत्र का अधिकांश प्रवाह पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश के कारण उत्पन्न होता है, जबकि हिमनदों का पिघलना और तिब्बत में सीमित वर्षा नदी के जल प्रवाह में केवल 30-35 प्रतिशत का योगदान देती है. मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर इस शीर्षक से पोस्ट किया है कि ‘क्या होगा यदि चीन भारत को ब्रह्मपुत्र का पानी देना बंद कर दे? पाकिस्तान के नए डराने वाले विमर्श का जवाब’.

उन्होंने कहा, ” भारत द्वारा पुरानी सिंधु जल संधि से निर्णायक रूप से अलग हो जाने के बाद, पाकिस्तान अब एक और बनावटी डर फैलाने रहा है: क्या होगा यदि चीन ने भारत को ब्रह्मपुत्र का पानी देना बंद कर दिया? शर्मा ने कहा, ” आइये इस मिथक को तोड़ें – भय से नहीं, बल्कि तथ्यों और राष्ट्रीय स्पष्टता के साथ.” मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि चीन जल प्रवाह को कम कर भी दे (यह संभव नहीं है, क्योंकि चीन ने कभी किसी आधिकारिक मंच पर इसकी धमकी नहीं दी है या संकेत नहीं दिया है), तो इससे वास्तव में भारत को असम में हर साल आने वाली बाढ़ को कम करने में मदद मिल सकती है, जिससे हर साल लाखों लोग विस्थापित होते हैं और आजीविका नष्ट होती है.

उन्होंने कहा कि सिंधु जल संधि के तहत पिछले 74 वर्षों तक पानी का भरपूर फायदा उठाने वाला पाकिस्तान अब घबरा रहा है क्योंकि भारत अपने संप्रभु अधिकारों को सही तरीके से पुन? प्राप्त कर रहा है. शर्मा ने दावा किया कि ब्रह्मपुत्र एक ऐसी नदी है जो भारत में बढ़ती है, सिकुड़ती नहीं. उन्होंने बताया कि ब्रह्मपुत्र के कुल प्रवाह में चीन का योगदान केवल 30-35 प्रतिशत है – जो मुख्यत? हिमनदों के पिघलने और तिब्बत में सीमित वर्षा के माध्यम से होता है.

शेष 65-70 प्रतिशत हिस्सा ‘भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, नगालैंड और मेघालय में होने वाली मूसलाधार मानसूनी वर्षा के कारण मिलता है. उन्होंने कहा कि भारत-चीन सीमा (तूतिंग) पर ब्रह्मपुत्र नदी का प्रवाह लगभग 2,000 से 3,000 घन मीटर प्रति सेकेंड होता है, जबकि असम के मैदानी इलाकों जैसे गुवाहाटी में मानसून के दौरान यह प्रवाह बढ़कर 15,000 से 20,000 घन मीटर प्रति सेकंड तक पहुंच जाता है.

शर्मा ने कहा कि ब्रह्मपुत्र ऐसी नदी नहीं है जिस पर भारत निर्भर है – यह एक वर्षा आधारित भारतीय नदी है, जो भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद और मजबूत हो जाती है. उन्होंने कहा, “ब्रह्मपुत्र को किसी एक स्रोत से नियंत्रित नहीं किया जाता है – यह हमारी भौगोलिक स्थिति, हमारे मानसून और हमारे सभ्यतागत लचीलेपन से संचालित होती है.”

पाकिस्तान के प्रति ”सहानुभूति” दिखाने के आरोप में असम में एक और व्यक्ति गिरफ्तार

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर ”सोशल मीडिया मंच पर पाकिस्तान के प्रति सहानुभूति” दिखाने के आरोप में एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. इसके साथ ही इस तरह के मामलों में अब तक 82 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने लखीमपुर से अजीबुल इस्लाम को गिरफ्तार किया.

मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ”राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई जारी…तीन जून तक…सोशल मीडिया मंच पर पाकिस्तान के प्रति सहानुभूति दिखाने वाले कुल 82 लोग अब सलाखों के पीछे हैं. कार्रवाई जारी रहेगी…” शर्मा ने पहले कहा था, ”देशद्रोहियों पर राज्यव्यापी कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.” पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है जो कथित तौर पर ”भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक गतिविधियों” में लिप्त हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) लगाया जाएगा, लेकिन सभी पर नहीं.

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