
गुवाहाटी. कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि उसे 14 जनवरी को मणिपुर से ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ शुरू करने की अनुमति अभी तक नहीं मिली है तथा राज्य सरकार ने उसे सूचित किया है कि उसका आवेदन केंद्र को ‘अनुमोदन’ के लिए भेजा गया है. पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि जातीय हिंसा से प्रभावित लोगों के ‘घावों पर मरहम लगाने’ के मकसद से यात्रा शुरू करने के लिए मणिपुर को चुना गया है.
उनका कहना था, ”कांग्रेस की मणिपुर इकाई ने एक सप्ताह पहले अनुमति के लिए मुख्य सचिव को आवेदन दिया था. आज, वे हमें बता रहे हैं कि मंजूरी नहीं दे सकते और हमारा आवेदन मंजूरी के लिए दिल्ली भेजा गया है.” वेणुगोपाल ने सवाल किया कि क्या किसी राजनीतिक दल की बैठक को मंजूरी देना केंद्र सरकार का कर्तव्य है? कांग्रेस ने इंफाल पूर्व जिले के हट्टा कांगजेइबुंग से मार्च शुरू करने के लिए आवेदन किया है.
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और पार्टी के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे. असम में इस यात्रा के इंतजामों का जायजा लेने के लिए पहुंचे वेणुगोपाल ने दावा किया कि इस राज्य के एक स्कूल में सार्वजनिक बैठक आयोजित करने की अनुमति भी रद्द कर दी गई है. उन्होंने यह भी कि अनुमति में देरी या अनुमति नहीं मिलने से कार्यक्रम को अधिक प्रचार मिल रहा है.
कांग्रेस की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी 14 जनवरी को इंफाल से यह यात्रा शुरू करेंगे. इसका समापन 20 मार्च को होगा. यह यात्रा मुख्य रूप से बस के जरिये होगी और कई स्थानों पर राहुल गांधी पदयात्रा भी करेंगे. वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी 15 जनवरी की शाम को नागालैंड पहुंचेंगे और अपनी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के तहत राज्य के कम से कम चार जिलों से होकर गुजरेंगे. उनका कहना था कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष 14 जनवरी को मणिपुर में यात्रा शुरू होने के एक दिन बाद नागालैंड पहुंचेंगे और 18 जनवरी को असम जाएंगे.



