तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डा अडाणी को सौंपने के खिलाफ दायर याचिका खारिज

नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को पट्टे पर अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को देने के केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराने के केरल उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ दायर याचिका सोमवार को निरस्त कर दी. केरल सरकार ने उच्चतम न्यायालय में उच्च न्यायालय के 19 अक्टूबर, 2020 के फैसले को चुनौती दी थी. उच्च न्यायालय ने इस हवाईअड्डे का परिचालन निजी कंपनी को सौंपने के खिलाफ दायर अर्जियों को यह कहते हुए नकार दिया था कि ये अर्जियां केंद्र की निजीकरण नीति के खिलाफ हैं.

मुख्य न्यायाधीश यू यू ललित और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने केरल सरकार की तरफ से दायर याचिका खारिज करते हुए कहा कि अडाणी एंटरप्राइजेज इस हवाईअड्डे का परिचालन अक्टूबर 2021 से ही कर रही है, लिहाजा इस याचिका पर विचार का कोई औचित्य नहीं बनता है.

पीठ ने अपने आदेश में उच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि इस हवाईअड्डे के परिचालन अधिकार के लिए सबसे ऊंची बोली अडाणी एंटरप्राइजेज ने लगाई थी जबकि राज्य सरकार के उपक्रम केएसआईडीसी की बोली उससे करीब 20 प्रतिशत कम थी.
इसके साथ ही पीठ ने हवाईअड्डा प्राधिकरण कर्मचारी संघ की तरफ से दायर याचिका को भी खारिज कर दिया. कर्मचारी संघ का कहना था कि हवाईअड्डा निजी परिचालन में जाने के बाद कर्मचारियों की सेवा शर्तें प्रभावित होंगी. इस पर न्यायालय ने कहा कि कर्मचारियों के पास भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण (एएआई) द्वारा संचालित दूसरे हवाईअड्डों में जाने का विकल्प मौजूद है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button