राजस्थान विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले पायलट को बनाया गया सीडब्ल्यूसी सदस्य

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 20 Aug 2023 07:49 PM
राजस्थान विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले पायलट को बनाया गया सीडब्ल्यूसी सदस्य
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नयी दिल्ली. राजस्थान विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को पार्टी की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) में शामिल किया गया. सीडब्ल्यूसी की घोषणा के बाद पायलट ने रविवार को कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताया और कहा कि वह कांग्रेस की रीति-नीति व विचारधारा को सशक्त करते हुए उसे और अधिक मजबूती से जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे.

उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”कांग्रेस कार्य समिति का सदस्य बनाए जाने पर मैं आदरणीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी जी एवं पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी जी का आभार व्यक्त करता हूं. हम सभी कांग्रेस की रीति-नीति व विचारधारा को सशक्त करते हुए उसे और अधिक मजबूती से जन-जन तक पहुंचाएंगे.” उन्हें यह जिम्मेदारी राजस्थान में इस साल नवंबर-दिसंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले दी गई है.

पायलट ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ मतभेदों को भुलाकर आगे बढ़ने का गत आठ जुलाई को स्पष्ट संकेत दिया था और कहा था कि सामूहिक नेतृत्व ही चुनाव में आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है और पार्टी के सभी नेता एकजुट होकर लड़ेंगे.
पायलट ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में यह भी कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उनसे कहा है कि ‘भूलो, माफ करो और आगे बढ़ो’ तथा खरगे की यह बात उनके लिए एक सुझाव होने के साथ ही पार्टी अध्यक्ष का निर्देश भी है.

राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी उस वक्त की थी, जब इससे कुछ दिनों पहले खरगे और राहुल गांधी ने प्रदेश के कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की थी, जिसमें एकजुट होकर आगामी राजस्थान विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला हुआ था. इस बैठक के बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने यह संकेत दिया था कि राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं करेगी.

अध्यक्ष पद के चुनाव में खरगे को चुनौती देने वाले थरूर को मिली सीडब्ल्यूसी में जगह

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में मल्लिकार्जुन खरगे को चुनौती देने वाले लोकसभा सदस्य शशि थरूर को पार्टी की नवगठित कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) में शामिल किया गया है. सीब्डल्यूसी का हिस्सा बनने के बाद थरूर ने रविवार को कहा कि वह कार्य समिति में नामित करने के खरगे और केंद्रीय नेतृत्व के फैसले से खुद को सम्मानित महसूस करते हैं.

खरगे ने रविवार को पार्टी की शीर्ष नीति निर्धारक संस्था कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) का पुनर्नठन किया, जिसमें 39 सदस्य, 32 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 13 विशेष आमंत्रित सदस्य (चार पदेन सदस्यों समेत) हैं. थरूर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मुझे कार्य समिति में नामित करने के कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी और केंद्रीय नेतृत्व के फैसले से मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं. मैं पिछले 138 वर्षों में पार्टी के मार्गदर्शन में सीडब्ल्यूसी द्वारा निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका से अवगत हूं. मैं अपने सर्मिपत सहयोगियों के साथ पार्टी की सेवा करने के अवसर को लेकर उत्सुक हूं.”

उन्होंने कहा, “हममें से कोई भी उन लाखों प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं के बिना कुछ भी हासिल नहीं कर सकता जो पार्टी के प्राण हैं. आज सबसे पहले, मैं उन्हें नमन करता हूं. अनगिनत भारतीय जो अधिक समावेशी और स्वीकार्य भारत चाहते हैं, वे हमारे द्वारा सर्वश्रेष्ठ योगदान के हकदार हैं.” थरूर उन 23 नेताओं के समूह का हिस्सा थे जिन्होंने करीब तीन साल पहले सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठाए थे.

खरगे ने पिछले साल अक्टूबर में हुए कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में थरूर को 6,825 मतों के अंतर से पराजित किया. खरगे को 7,897 वोट मिले थे तथा थरूर को 1,072 वोट हासिल हुए थे. उस चुनाव में 9,385 वोट पड़े थे और इनमें से 416 वोट अवैध करार दिए गए थे.

कांग्रेस कार्य समिति के 39 सदस्यों में से सिर्फ तीन नेताओं की उम्र 50 साल के नीचे
कांग्रेस ने उदयपुर के अपने ‘चिंतन शिविर’ और रायपुर के महाधिवेशन में भले ही संगठन के सभी स्तरों पर 50 प्रतिशत स्थान 50 साल से कम उम्र के नेताओं को देने (50 अंडर 50) के फार्मूले की बात की हो, लेकिन रविवार को घोषित कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) में जिन 39 सदस्यों को शामिल किया गया, उनमें सिर्फ तीन नेता ही 50 वर्ष से कम उम्र के हैं.

ये राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, लोकसभा में पार्टी के उपनेता गौरव गोगोई और मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं विधायक कमलेश्वर पटेल हैं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पदभार संभालने के करीब 10 महीने बाद रविवार को नयी कार्य समिति का पुनर्गठन किया, जिसमें उनके साथ पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राहुल गांधी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं.

कांग्रेस कार्य समिति में 39 सदस्य, 32 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 13 विशेष आमंत्रित सदस्य (चार पदेन सदस्यों समेत) शामिल किए गए हैं. कांग्रेस कार्य समिति में इस बार पार्टी शासित किसी राज्य के मुख्यमंत्री को शामिल नहीं किया गया है. पहले सामान्यत: कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों में से वरिष्ठ नेताओं को कार्य समिति समिति में स्थान दिया जाता रहा है.

मौजूदा समय में कांग्रेस की चार राज्यों कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश में सरकारें हैं. इनमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की गिनती पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं में होती है. कांग्रेस ने इस साल फरवरी में रायपुर के महाधिवेशन में अपने संविधान में संशोधन किया था जिसके अनुसार, कार्य समिति के सदस्यों की संख्या को 23 से बढ़ाकर 35 कर दी गई थी. कांग्रेस के संविधान में यह प्रावधान भी है कि पार्टी अध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष और पार्टी से संबंधित मौजूदा या पूर्व प्रधानमंत्री कार्यसमिति के स्वत: सदस्य होते हैं.

इस बार कार्य समिति के 39 सदस्यों में से सिर्फ तीन सदस्य 50 साल से कम उम्र के हैं. जहां पायलट 46 वर्ष के हैं, वहीं गौरव गोगोई 43 और कमलेश्वर पटेल 49 साल के हैं. कार्य समिति में शामिल प्रमुख चेहरा राहुल गांधी 53 साल के हैं, तो कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा 51 साल की हैं.

कांग्रेस ने अपनी नयी सीडब्ल्यूसी में हमेशा की तरह वरिष्ठ नेताओं को तरजीह दी है. सीडब्ल्यूसी में शामिल पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की उम्र 90 साल है, तो वरिष्ठ नेता एके एंटनी 82, अंबिका सोनी 80 और मीरा कुमार 78 साल की हैं . पार्टी अध्यक्ष खरगे खुद 81 साल के हैं, जबकि कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी 76 वर्ष की हैं.

कांग्रेस कार्य समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्यों में मणिकम टैगोर (48), दीपेंद्र हुड्डा (45), मीनाक्षी नटराजन (50) और कन्हैया कुमार (36) साल के हैं. विशेष आमंत्रित सदस्यों में महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर 49 साल, पार्टी के सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत 46, पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे की पुत्री परिनीति शिंदे 42, दिल्ली की पूर्व विधायक अलका लांबा 47, युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बी.वी. 41, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष नेटा डिसूजा 48 और एनएसयूआई के अध्यक्ष नीरज कुंदन 33 साल के हैं.

कांग्रेस के अग्रिम संगठन एनएसयूआई के प्रभारी कन्हैया कुमार को कार्यसमिति में स्थान दिया गया है, लेकिन युवा कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू को कार्य समिति में जगह नहीं मिली है. उदयपुर चिंतन शिविर और रायपुर अधिवेशन में संकल्प के बावजूद कार्य समिति में 50 फीसदी स्थान 50 साल से कम उम्र के नेताओं को नहीं मिलने पर कांग्रेस के एक युवा नेता ने कहा, ”यह निश्चित तौर पर निराशाजनक है. वरिष्ठ नेताओं का पूरा सम्मान है, लेकिन अगले साल के लोकसभा चुनाव को देखते हुए कार्य समिति में युवाओं को और ज्यादा जगह मिलनी चाहिए थी.”

इससे जुड़े सवाल पर कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने कहा, ”कांग्रेस नेतृत्व ने नई कार्य समिति में अनुभवी और युवा नेताओं की हिस्सेदारी में संतुलन बनाने की कोशिश की है. कई ऐसे नेताओं को कार्य समिति में जगह दी गई है, जिनकी उम्र 50 से 55 के बीच है.” उन्होंने कहा, ”हमें विश्वास है कि पार्टी नेतृत्व संगठन के अन्य स्तरों पर युवाओं को अधिक भागीदारी देगा.”

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