
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि ब्रिटेन को पछाड़कर भारत के दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की खुशी ‘‘विशेष’’ है क्योंकि देश ने उनको पीछे छोड़ा है, जिसने यहां ढाई सौ वर्ष तक हुकूमत की. राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपने शिक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए सही दिशा में जा रहा है और देश की नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति की वैश्विक सराहना हो रही है. भारत के विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का उल्लेख किया और कहा, ‘‘ढाई सौ साल तक जो हम पर राज करके गए थे, उनको पीछे छोड़कर हम दुनिया की अर्थव्यवस्था में आगे निकल गए हैं.’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘छठे से पांचवें स्थान पर आने का जो आनंद होता है, उससे ज्यादा आनंद इसमें हुआ.’’ उन्होंने कहा कि छठे से पांचवें पर आते तो ‘‘थोड़ा आनंद’’ होता, लेकिन यह पांच ‘‘विशेष’ है, क्योंकि हमने उनको (ब्रिटेन को) पीछे छोड़ा है. ज्ञात हो कि शनिवार को भारत, ब्रिटेन को पछाड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. अब सिर्फ अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी ही उससे आगे हैं.
एक दशक पहले तक भारत बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मामले में 11वें पायदान पर था, जबकि ब्रिटेन पांचवें स्थान पर था. लेकिन अप्रैल-जून तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था में रिकॉर्ड विस्तार होने से यह ब्रिटेन से आगे निकल गया और ब्रिटेन छठे पायदान पर खिसक गया है. शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षक ना सिर्फ छात्रों को पढ़ाते हैं बल्कि उनका जीवन भी बदल देते हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति की पूरी दुनिया में सराहना हो रही है. लोग देख पा रहे हैं कि भारत अपने शिक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए सही दिशा में आगे बढ़ रहा है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे शिक्षकों ने शिक्षा नीति को बनाने में अहम भूमिका निभाई है. बच्चों का भविष्य गढ़ना शिक्षकों पर निर्भर करता है. हमें ना सिर्फ छात्रों को पढ़ाना है बल्कि उनके जीवन में बदलाव लाना है. एक सफल शिक्षक वही होता है, जिसके लिए सारे छात्र एक सामन हों.’’ इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 46 चुंिनदा शिक्षकों को स्कूली शिक्षा में उनके विशिष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, 2022 से सम्मानित किया.
शिक्षा मंत्रालय देश के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए हर साल पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर विज्ञान भवन में एक समारोह का आयोजन करता है. इन शिक्षकों को कड़ी पारदर्शी और तीन स्तरीय आॅनलाइन चयन प्रक्रिया के जरिए चुना जाता है.



