शासन में प्रौद्योगिकी के उपयोग में उदासीनता के चलते 2014 से पहले गरीबों को सर्वाधिक परेशानी हुई: मोदी

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि 2014 से पहले शासन में प्रौद्योगिकी के उपयोग के प्रति ‘‘उदासीनता’’ का माहौल था और इसके चलते गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए. प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने ड्रोन सहित अन्य प्रौद्योगिकी की मदद से सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना सुनिश्चित किया है.

उन्होंने यहां देश के सबसे बड़े ड्रोन महोत्सव के उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा ,‘‘ ऐसे वक्त, जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, मेरा सपना है कि भारत में प्रत्येक व्यक्ति के हाथ में एक स्मार्ट फोन हो, हर खेत में एक ड्रोन हो और प्रत्येक घर में समृद्धि हो.’’मोदी ने कहा कि भारत में ड्रोन प्रौद्योगिकी को लेकर जिस तरह का उत्साह देखा जा रहा है, वह अद्भुत है और यह इस उभरते क्षेत्र में रोजगार सृजन होने की संभावनाओं का संकेत देता है.

उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पहले ‘‘ हमने सुशासन के नए मंत्रों को लागू करना शुरू किया और न्यूनतम सरकार तथा अधिकतम शासन के सिद्धांत पर चलते हुए जीवन और कारोबार की सुगमता को प्राथमिकता दी गयी. ’’मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों के कार्यकाल में प्रौद्योगिकी को समस्या का हिस्सा समझा जाता था और इन पर ‘‘गरीब विरोधी’’ होने का ठप्पा लगाने के प्रयास किए जाते थे. इसके कारण 2014 से पहले के शासन में प्रौद्योगिकी के उपयोग को लेकर उदासीनता का माहौल था और इसका सबसे ज्यादा असर गरीबों, वंचितों और मध्यम वर्ग पर पड़ा.’’

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