संसद सत्र से पहले प्रधानमंत्री मोदी संकटग्रस्त मणिपुर का दौरा करें : कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 18 Nov 2024 08:09 PM
संसद सत्र से पहले प्रधानमंत्री मोदी संकटग्रस्त मणिपुर का दौरा करें : कांग्रेस
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नयी दिल्ली. मणिपुर में हिंसा में वृद्धि के बीच कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस महीने शुरू होने वाले संसद सत्र से पहले संकटग्रस्त राज्य का दौरा करना चाहिए. पार्टी ने इसके साथ ही वहां “डबल इंजन सरकार की पूर्ण विफलता” के लिए गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की.

कांग्रेस के महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को सबसे पहले मणिपुर के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से मिलना चाहिए और फिर 25 नवंबर से शुरू हो रहे संसद सत्र से पहले राष्ट्रीय स्तर पर एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए. मणिपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मेघचंद्र सिंह एवं पार्टी के प्रदेश पभारी गिरीश चोडानकर के साथ यहां अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रमेश ने मांग की कि शाह और मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह को इस्तीफा देना चाहिए.

उन्होंने कहा, “तीन मई 2023 से मणिपुर जल रहा है और प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के विभिन्न देशों का दौरा कर रहे हैं, प्रवचन दे रहे हैं, लेकिन मणिपुर जाने का समय नहीं निकाल पा रहे हैं. इसलिए हमारी पहली मांग है कि प्रधानमंत्री संसद सत्र से पहले समय निकालकर मणिपुर जाएं और वहां राजनीतिक दलों, राजनेताओं, नागरिक संस्था समूहों और राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मिलें.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह भी मांग करती है कि प्रधानमंत्री को मणिपुर के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से मिलना चाहिए और फिर राष्ट्रीय स्तर पर भी सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए.

महाराष्ट्र चुनाव की घोषणा से पहले अदाणी समूह को परियोजनाओं की मंजूरी देने में जल्दबाजी की गयी: कांग्रेस

कांग्रेस ने सोमवार को महाराष्ट्र की ‘महायुति’ सरकार पर राज्य में चुनाव की घोषणा से पहले अदाणी समूह के लिए परियोजनाओं को मंजूरी देने में जल्दबाजी करने का आरोप लगाया और कहा कि लोग ”इन खेलों को पहले ही देख चुके हैं.” कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने कहा कि महायुति के शीर्ष नेताओं की हाल की टिप्पणियों से यह स्पष्ट हो गया है कि महायुति सरकार इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए इतनी जल्दी में क्यों थी.

रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि निर्वाचन आयोग ने 15 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव की घोषणा की थी, उससे पहले भाजपा के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ”मोदाणी” के लिए परियोजनाओं को मंजूरी देने में जुट गई थी. कांग्रेस नेता ने कहा, ”निर्वाचन आयोग ने 15 अक्टूबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की घोषणा की थी. जरा याद कीजिए कि उन्होंने सत्ता में अपने आख.रिी कुछ दिन कैसे बिताए थे. 15 सितंबर 2024: ‘मोदाणी’ को महाराष्ट्र में 6,600 मेगावाट बिजली आपूर्ति का ठेका मिला, वो भी बढ़ी हुई उपभोक्ता कीमतों पर. महाराष्ट्र के लोगों को अधिक पैसे देने होंगे. 30 सितंबर 2024: 255 एकड़ पारिस्थितिक रूप से बेहद नाज.ुक ‘साल्ट पैन’ भूमि मोदाणी को सौंपी गई.”

उन्होंने कहा, ”10 अक्टूबर 2024 : मध में 140 एकड़ जमीन मोदाणी को सौंपी गई. 14 अक्टूबर 2024: मुंबई में देवनार लैंडफिल से 124 एकड़ जमीन मोदाणी को सौंपी गई.” कांग्रेस नेता ने कहा, ”लेकिन, महाराष्ट्र के लोग इन खेलों को पहले ही देख चुके हैं. वे निश्चित रूप से महा विकास आघाडी को स्पष्ट और निर्णायक जनादेश देंगे.” महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 20 नवंबर को होगा. मतगणना 23 नवंबर को होगी.

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