भगवान जगन्नाथ पर पात्रा की टिप्पणी के लिए प्रधानमंत्री माफी मांगें : कांग्रेस

रत्न भंडार की चाबी मुद्दे पर स्टालिन ने कहा : 'वोटों के लिए मोदी तमिलों को बदनाम नहीं करें'

भुवनेश्वर/चेन्नई. कांग्रेस ने ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार संबित पात्रा द्वारा भगवान जगन्नाथ को लेकर की गई टिप्पणी के लिए मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से माफी की मांग की. पात्रा ने सोमवार को टेलीविजन चैनलों से बातचीत में कहा था कि राज्य के परम पूजनीय देवता ”भगवान जगन्नाथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भक्त हैं.” पात्रा ने बाद में स्पष्ट किया था कि यह सिर्फ जुबान फिसलने के कारण हुआ और वह यह कहना चाहते थे कि प्रधानमंत्री भगवान जगन्नाथ के परम ‘भक्त’ हैं.

पुरी के जगन्नाथ मंदिर के बाहर मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, ”अगर संबित पात्रा कांग्रेस में होते तो उन्हें भगवान जगन्नाथ के करोड़ों भक्तों की आस्था से खेलने के लिए तुरंत पार्टी से निष्कासित कर दिया जाता. प्रधानमंत्री को संबित पात्रा को पार्टी से निष्कासित करना चाहिए.” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा की टिप्पणी पर 24 घंटे के भीतर भगवान जगन्नाथ के करोड़ों भक्तों से माफी मांगनी चाहिए.

रत्न भंडार की चाबी मुद्दे पर स्टालिन ने कहा : ‘वोटों के लिए मोदी तमिलों को बदनाम नहीं करें’

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने ओडिशा में भगवान जगन्नाथ मंदिर के कोषागार की गायब चाबियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक टिप्पणी पर मंगलवार को कड़ी आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि यह वोटों की खातिर तमिलों को बदनाम करने का प्रयास है. प्रधानमंत्री मोदी ने ओडिशा में एक रैली में कहा था कि भगवान जगन्नाथ मंदिर के कोषागार की चाबियां तमिलनाडु चली गई हैं. स्टालिन ने यहां एक बयान में कहा कि मोदी को तमिलों की छवि खराब करने वाली इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए.

प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की चाबियां पिछले छह साल से गायब होने पर चिंता जताते हुए सोमवार को ओडिशा में नवीन पटनायक नीत बीजू जनता दल (बीजद) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था, ”पुरी में भगवान जगन्नाथ का मंदिर भी इस सरकार के हाथों में सुरक्षित नहीं है.” उन्होंने कहा था कि ओडिशा जानना चाहता है कि बीजद ने रत्न भंडार चाबियों पर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को क्यों दबाया.

मोदी ने कहा था, ”मामले में बीजद की भूमिका संदिग्ध है. भाजपा सरकार 10 जून को सत्ता में आने के बाद रिपोर्ट सार्वजनिक करेगी.” उन्होंने कहा था कि ऐसा कहा जा रहा है कि रत्न भंडार की चाबी तमिलनाडु चली गयी हैं. स्टालिन ने आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि मोदी अपने नफरत भरे भाषणों से लोगों के बीच दुश्मनी और राज्यों के बीच गुस्से की भावना पैदा कर रहे हैं.

उन्होंने रत्न भंडार की चाबियों के गायब होने पर प्रधानमंत्री की टिप्पणियों का जिक्र करते हुए कहा, ”यह करोड़ों लोगों द्वारा पूजे जाने वाले भगवान जगन्नाथ का अपमान करने के साथ-साथ तमिलनाडु के लोगों का भी अपमान है, जो ओडिशा राज्य के साथ अच्छे संबंध और मित्रता रखते हैं.” स्टालिन ने पूछा, ”क्या प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु के लोगों को मंदिर का खजाना चुराने वाले चोरों के तौर पर अपमानित कर सकते हैं…क्या यह तमिलनाडु का अपमान नहीं है? तमिलों के प्रति इतनी नापसंदगी और नफरत क्यों है?”

उन्होंने कहा कि जनता तमिलनाडु में तमिल भाषा और यहां के लोगों की प्रशंसा करने और राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व ओडिशा जैसे राज्यों में प्रचार करते समय उनके (तमिलनाडु के) बारे में बुरा-भला बोलने के मोदी के ‘दोहरेपन’ को समझेगी. स्टालिन ने कहा, ”प्रधानमंत्री को वोटों के लिए तमिलनाडु और तमिलों को बदनाम करना बंद करना चाहिए.”

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