साबित हो गया कि कुछ पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए लाए गए थे तीनों कृषि कानून: कांग्रेस

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने सोमवार को एक खबर का हवाला देते हुए दावा किया कि यह बात अब साबित हो चुकी है कि केंद्र सरकार कुछ पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए तीनों कृषि कानून लेकर आई थी. पार्टी के राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है.

किसानों के एक साल तक चले आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने 2021 के आखिर में तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला किया था. बाद में संसद के माध्यम से तीनों कानूनों को निरस्त कर दिया गया था. हुड्डा ने एक खबर हवाला देते हुए संवाददाताओं से कहा, ”हमने कहा था कि मोदी सरकार तीनों कृषि कानून किसानों के हक के लिए नहीं, बल्कि कुछ पूंजीपतियों को लाभ देने के लिए लेकर आई थी. हमारी ये बात इस रिपोर्ट से साबित हो गई.” कांग्रेस नेता ने दावा किया कि भारतीय मूल के एक अमेरिकी व्यक्ति की सलाह पर तीनों कृषि कानून लाए गए थे, जिसने कहा था कि खेती प्रबंधन कंपनी, प्रसंस्करण और पैकेजिंग कंपनी तथा विपणन कंपनी बनाई जाए.

उन्होंने सवाल किया, ”जब सरकार के पास दलवाई समिति की तीन हजार पन्ने की रिपोर्ट मौजूद थी, तो नियमों को दरकिनार कर एक व्यक्ति की बात क्यों सुनी गई?” हुड्डा ने आरोप लगाया कि किसानों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है और आंदोलन के समय किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया.

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