राहुल गांधी अब वायनाड को अपना परिवार बता रहे हैं: स्मृति ईरानी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 12 Apr 2024 09:03 PM
राहुल गांधी अब वायनाड को अपना परिवार बता रहे हैं: स्मृति ईरानी
ऑडियो सुनें

अमेठी. केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेठी से सांसद रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को यहां कहा कि सभी ने नाम बदलते, गांव बदलते सुना है, लेकिन परिवार बदलते किसी ने नहीं सुना. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने वायनाड में कहा कि वायनाड उनका परिवार है और वहां के लोग वफादार हैं.

ईरानी ने कहा, ”इसका मतलब यह हुआ कि 15 साल तक जहां के वह (राहुल) सांसद रहे उस अमेठी के लोग वफादार नहीं हैं. वह वायनाड में जाकर अमेठी को गालियां देते हैं. ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए इस बार अमेठी का मतदाता तैयार है.” यहां अपने आवास पर यादव बिरादरी के लोगों से मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गांधी खानदान खासकर राहुल गांधी चाहते थे कि अमेठी में लोग गरीब बने रहें, इसीलिए जब कोई गरीब का बेटा भारत का प्रधान सेवक बनता है उसे ये पचा नहीं पाते. उन्होंने कहा कि गरीबी झेलकर अपनी मेहनत, लगन और ईमानदारी के बल पर आप सभी के आशीर्वाद से देश के प्रधान सेवक बने नरेन्द्र मोदी को कांग्रेस या गांधी खानदान पचा नहीं पा रहा है.

ईरानी ने कहा,” राहुल गांधी के 15 साल बनाम मेरे पांच साल को देखा जाए तो दिखाई पड़ता है कि गांधी खानदान ने किस तरीके से अमेठी की उपेक्षा की. अमेठी में उन्होंने जो 50 साल में नहीं किया, राहुल गांधी ने जो 15 साल में नहीं किया उसे डबल इंजन की सरकार ने पांच साल में करके दिखाया है.”

उन्होंने कहा, ह्लआप सभी ने कभी अमेठी में ऐसा सांसद नहीं देखा होगा जो गांव में खड़े होकर नालियों की साफ सफाई कराए. लेकिन आप सब ने मुझे बहन माना तो मैंने बहन का फर्ज निभाया.ह्व ईरानी ने कहा कि जब राहुल गांधी को छींक आती थी तो वह इलाज के लिए विदेश भाग कर जाते थे, लेकिन अमेठी के लोगों के लिए एक मेडिकल कॉलेज नहीं बनवाया और अमेठी में मेडिकल कॉलेज तब बना जब केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu