राजकोट अग्निकांड: गेम जोन का एक और साझेदार गिरफ्तार, एक अन्य आरोपी की घटना में मौत…

अहमदाबाद: गुजरात पुलिस ने राजकोट स्थित ‘टीआरपी गेम जोन’ के एक और साझेदार को गिरफ्तार किया है जबकि एक अन्य आरोपी की हादसे में मौत हो गयी थी। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। इस गेम जोन में पिछले सप्ताह लगी आग में 27 लोगों की मौत हो गयी थी।

पुलिस के अनुसार, अब इस मामले के संबंध में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढक़र पांच हो गयी है। राजकोट के पुलिस उपायुक्त (अपराध) पार्थराजंिसह गोहिल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि गेम जोन चलाने वाली रेसवे इंटरप्राइज के एक साझेदार किरीट ंिसह जडेजा को मंगलवार रात को राजकोट-कलावाड रोड से गिरफ्तार किया गया।

जडेजा आग लगने की इस घटना में आरोपी के तौर पर नामजद टीआरपी गेम जोन के छह साझेदारों में से एक है और उस पर गैर इरादतन हत्या समेत भारतीय दंड संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

गोहिल ने बताया, ‘‘हमने गत रात राजकोट के समीप आरोपी किरीट ंिसह जडेजा को गिरफ्तार कर लिया जिससे मामले में अभी तक गिरफ्तार लोगों की संख्या पांच हो गयी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्राथमिकी में नामजद छह व्यक्तियों में से एक प्रकाश हिरन की आग लगने की घटना में मौत हो गयी। जांच के दौरान एक मृतक के डीएनए नमूने का हिरन के परिजन से मिलान हो गया जिससे उसकी मौत की पुष्टि हुई।’’

अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने पहले गेम जोन के साझेदार युवराजंिसह सोलंकी, राहुल राठौड, धवल ठक्कर और उसके प्रबंधक नितिन जैन को गिरफ्तार किया है। प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), 308 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास), 337 (ऐसे कृत्य से चोट पहुंचाना जो दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालता है), 338 (किसी व्यक्ति के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य करके उसे गंभीर चोट पहुँचाना) और धारा 114 (अपराध होने पर किसी व्यक्ति की मौजूदगी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गेम जोन में 25 मई को लगी आग में 27 लोगों की मौत हो गयी थी। ज्यादातर लोगों के शव इतनी बुरी तरह जल गए कि उनकी शिनाख्त कर पाना मुश्किल है। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक 25 शवों की पहचान की गयी है और उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button