राजकोट अग्निकांड की जांच उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में हो: कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 28 May 2024 08:39 PM
राजकोट अग्निकांड की जांच उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में हो: कांग्रेस
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली/मुंबई. कांग्रेस ने गुजरात के राजकोट के एक गेम जोन में आग लगने की घटना को लेकर मंगलवार को दावा किया कि राज्य सरकार के स्तर पर कोई गंभीरता और चिंता नहीं है. साथ ही पार्टी ने निचले स्तर के अधिकारियों को निलंबित करने की बजाय वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल ने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में इस घटना की जांच हो तथा पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राजकोट का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करनी चाहिए. राजकोट के एक ‘गेम जोन’ में शनिवार शाम लगी भीषण आग में चार बच्चों सहित 27 लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य लोग झुलस गए.

गोहिल ने संवाददाताओं से कहा, ”राजकोट के एक गेम जोन में आग लगने से 31 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. इस गेम जोन में अग्निशमन सुरक्षा, आने-जाने के अलग रास्ते, आवासीय क्षेत्र से दूरी जैसे किसी भी सुरक्षा नियम का पालन नहीं किया गया था.” उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों के जान-माल के सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की होती है, लेकिन आज सरकार ही इसके साथ खिलवाड़ कर रही है.

गोहिल ने सवाल किया, ”जब खुद बड़े-बड़े अधिकारियों का ही इस गेम जोन में आना-जाना हो, तो फिर छोटे अधिकारियों को निलंबित कर सरकार क्या साबित करना चाहती है? ” उन्होंने कहा कि इतना सबकुछ होने के बावजूद कोई गंभीरता नहीं है तथा राज्य सरकार को कोई चिंता नहीं है.

उन्होंने कहा, ”गुजरात के राजकोट में हुआ हादसा, पहला हादसा नहीं है. सूरत में एक शिक्षण संस्थान में 22 बच्चों की जान चली गई थी. सूरत में पीड़ित परिवारों ने कहा कि उन्हें आज तक न्याय नहीं मिला, लेकिन राजकोट के बच्चों को न्याय मिलना चाहिए.” गोहिल ने कहा, ”इसी तरह, वडोदरा में नाव डूबने से 14 बच्चों की जान चली गई. उस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं की गई. बनासकांठा में पुल गिरने से कई लोगों की जान चली गई. जो कंपनी यह पुल बना रही थी, उसे पहले भी प्रतिबंधित किया गया था. लेकिन जैसे ही उसने भाजपा को चंदा दिया, उसे यह पुल बनाने का काम मिल गया.” उन्होंने आरोप लगाया, ”गुजरात सरकार में अच्छे और ईमानदार अफसरों को अलग कर, सरकार की जी-हुजूरी करने वालें अफसरों को जगह दी गई है. हालात ये हैं कि गुजरात में अच्छे अफसरों को दरकिनार कर उनका करियर खत्म किया जा रहा है.”

पोर्श कार हादसे की जांच सीबीआई से कराई जाए, फडणवीस को इस्तीफा देना चाहिए : कांग्रेस

महाराष्ट्र की कांग्रेस इकाई ने पुणे के र्चिचत पोर्श कार हादसे की जांच सीबीआई से कराने की मांग की. पार्टी ने मंगलवार को कहा कि उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. पुणे के कल्याणी नगर इलाके में 19 मई की रात हुए हादसे में दो इंजीनियरों की मौत हो गई थी और जिस पोर्श कार ने मोटरसाइकिल सवारों को कुचला था उसे कथित तौर पर 17 वर्षीय एक किशोर नशे की हालत में चला था.

किशोर न्याय बोर्ड द्वारा लड़के को जमानत दिए जाने का भारी पैमाने पर विरोध हुआ था जिसके बाद बोर्ड ने पांच जून तक उसे सुधार गृह में भेज दिया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि ससून जनरल अस्पताल अपराधियों के लिए पंच सितारा होटल बन गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य गंभीर सूखे का सामना कर रहा है और शराब पीकर वाहन चलाने एवं मादक पदार्थ की घटनाएं बढ़ रही हैं.

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ” ऐसी घटनाएं नागपुर, जलगांव और पुणे से सामने आई हैं लेकिन आक्रोश करने वाली बात यह है कि सरकारी तंत्र सुनिश्चित कर रहा है कि आरोपी को तत्काल जमानत मिल जाए.” उन्होंने कहा कि कार हादसे की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को करना चाहिए क्योंकि ऐसा दिख रहा है कि अमीर आरोपी को बचाने के लिए राजनीतिक हस्तक्षेप हो रहा है.
पटोले ने आरोप लगाया कि जिस कार हादसे के आरोपी किशोर के साथ विधायक का बेटा था.

उप मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि फडणवीस के गृहनगर नागपुर में दो लड़कियों ने दो युवाओं को अपनी कार से कुचल दिया और उन्हें 10 घंटे के भीतर जमानत मिल गई और इसी प्रकार की घटना जलगांव में हुई एवं आरोपी को बचाने की कोशिश की गई.

पटोले ने आरोप लगाया, ” पुणे में मादक पदार्थ गिरोह सक्रिय हैं. पुणे और नागपुर में अवैध पब संचालित किए जा रहे हैं. कार हादसे के बाद पुणे में 36 अवैध पब ध्वस्त किए गए. भाजपा गुजरात से महाराष्ट्र बड़े पैमाने पर मादक पदार्थ लाकर युवाओं को बर्बाद कर रही है.” उन्होंने दावा किया, ” मंत्री और विधायक ने अनुशंसा की कि डॉ.तावड़े को अधीक्षक बनाया जाना चाहिए. जनता को उनका नाम बताया जाना चाहिए. सत्तारूढ़ दल का हस्तक्षेप बढ़ गया है और अपराधी खुले तौर पर शहर में घूम रहे हैं. तहसीलदार पर इंदापुर में जानलेवा हमला किया गया. अपराधियों को कहा से इतनी साहस मिलती है? यह बिना राजनीतिक आश्रय से नहीं हो सकता.” पटोले ने दावा किया कि भाजपा स्कूली पाठ्यक्रम में मनुस्मृति को शामिल करने की योजना बना रही है लेकिन कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu