
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि परिसर की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया जा रहा है। मंदिर परिसर में विभिन्न व्यवस्थाओं का संचालन कर रही कई समितियों के नेतृत्व में परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां नए लोगों को सौंपी जाएंगी।
राम मंदिर में आने वाले चढ़ावा की गिनती के लिए अब केवल 10 कर्मी ही बचे हैं। इससे पहले कुल 40 कर्मी चढ़ावे की गणना में लगे थे। चढ़ावा चोरी की घटना प्रकाश में आने के बाद इनमें से छह की गिरफ्तारी हो चुकी है। जबकि 24 गणना कर्मियों ने काम पर ही आना छोड़ दिया है। पिछले तीन दिनों से मात्र 10 गणना कर्मी चढ़ावे की गिनती कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि एसबीआई की ओर से जल्द ही नए गणना कर्मियों की भर्ती की तैयारी की जा रही है।
राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने निर्माण कार्य की प्रगति और भविष्य की योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि दो अलग-अलग बैठकें हुईं, जिनमें मंदिर परिसर और म्यूजियम से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बताया कि पहली बैठक मंदिर परिसर में हुई, जिसमें चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। कार्यदायी संस्थाओं को अधिक से अधिक 15 अगस्त तक काम पूरा करने के लिए कहा गया है।
इसमें इमर्सिव टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे आगंतुक वास्तविक अनुभव महसूस कर सकें। इसमें भगवान श्रीराम के वनगमन से जुड़ी देश की प्रमुख नदियों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इसकी शुरुआत सरयू नदी से होगी और समापन गुप्तार घाट पर केंद्रित रहेगा।
एक और महत्वपूर्ण फैसला ‘दिव्य दर्शन’ गैलरी बनाने का लिया गया है। नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि जब लोग मंदिर आते हैं तो भीड़ के कारण उन्हें जल्दी निकलना पड़ता है। इसलिए हम म्यूजियम में ‘दर्शन’ का एक खास प्रोग्राम आयोजित करेंगे। यह गैलरी राम लला मंदिर के ग्राउंड फ्लोर से कुबेर टीला तक की यात्रा को इमर्सिव (थ्री डी डिस्प्ले) तरीके से दिखाएगी।



