
नयी दिल्ली. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) को केजी-डी6 ब्लॉक में अपनी तेल और गैस विकास परियोजना ‘एमजे’ के लिए जल्द ही एक फ्लोंिटग उत्पादन भंडारण एवं आॅफलोंिडग पोत मिलने वाला है. दक्षिण कोरिया से आने वाले इस पोत का नाम ‘रूबी’ है. कंपनी के साझेदार बीपी पीएलसी के सीईओ बर्नार्ड लूनी ने बताया कि पोत दक्षिण कोरिया से रवाना हो गया है.
एमजे उन खोजों का तीसरा और अंतिम समूह है, जो रिलायंस और ब्रिटेन स्थित उसकी सहयोगी बीपी देश के पूर्वी अपतटीय ब्लॉक में विकसित कर रहे हैं. दोनों साझेदार केजी-डी6 ब्लॉक में सबसे गहरी गैस खोज से उत्पादन के लिए बंगाल की खाड़ी में एक अस्थायी उत्पादन प्रणाली का उपयोग करेंगे.
लूनी ने कहा, ‘‘रूबी ने दक्षिण कोरिया से भारत स्थित काकीनाडा तक का करीब 5,000 किलोमीटर लंबा सफर शुरू कर दिया है. यह पोत घरेलू गैस उत्पादन को बढ़ाने में मदद करेगा.’’ लूनी ने एक ंिलक्डइन पोस्ट में लिखा, ‘‘मैं इस उद्योग में कई वर्षों से हूं और इस तरह के जहाजों का विशाल आकार और इंजीनियंिरग प्रतिभा मुझे अभी भी आश्चर्यचकित करती है. इसे सुरक्षित और कुशलतापूर्वक संपन्न करने के लिए बीपी और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की टीमों को बहुत धन्यवाद देता हूं.’’



