अडाणी समूह की कंपनियों के खिलाफ बाजार आरोपों की जांच कर रहा है सेबी : सरकार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 13 Mar 2023 06:53 PM
अडाणी समूह की कंपनियों के खिलाफ बाजार आरोपों की जांच कर रहा है सेबी : सरकार
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नयी दिल्ली. सरकार ने सोमवार को लोकसभा को बताया कि अडाणी समूह के खिलाफ ‘हिंडनबर्ग रिसर्च’ द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए किसी समिति का गठन नहीं किया गया है, लेकिन भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) बाजार से संबंधित आरोपों की जांच कर रहा है.

सरकार ने यह भी कहा कि हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के बाद अडाणी समूह का हिस्सा बनने वाली नौ सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में लगभग 60 प्रतिशत की गिरावट देखी गई लेकिन इन कंपनियों के शेयरों में उतार चढ़ाव का प्रणालीगत स्तर पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है.

लोकसभा में एन के प्रेमचंद्रन के प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने यह बात कही. सदस्य ने पूछा था कि क्या सरकार ने देश के कारपोरेट क्षेत्र में हिंडनबर्ग रिपोर्ट के प्रभाव का विश्लेषण किया है और क्या उक्त रिपोर्ट के प्रभाव के संबंध में कोई जांच/अध्ययन कराने का उसका कोई विचार है.

चौधरी ने कहा कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को प्रतिभूति बाजारों के वैधानिक नियामक के रूप में निवेशकों के संरक्षण सहित प्रतिभूति बाजारों के स्थिर संचालन और विकास को प्रभावित करने के लिए नियामक ढांचे को लागू करने का आदेश प्राप्त है.

वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि इसके अनुसार सेबी, किसी भी बाजार इकाई द्वारा अपने विनियमों के कथित उल्लंघन की जांच करता है. इसी के अनुरूप, यह अडाणी ग्रुप ऑफ कंपनीज के खिलाफ बाजार के आरोपों की जांच कर रहा है. मंत्री ने कहा कि हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के बाद 24 जनवरी 2023 से एक मार्च 2023 तक अडाणी समूह का हिस्सा बनने वाली नौ सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में लगभग 60 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. चौधरी ने कहा कि इन कंपनियों के शेयरों में उतार चढ़ाव का प्रणालीगत स्तर पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है. इस अवधि में निफ्टी 50 में लगभग 4.5 प्रतिशत की गिरावट आई.

फिच ने अडाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई, उसके दो अरब डॉलर के नोट कार्यक्रम के लिए ‘बीबीबी-’ रेटिंग दी

फिच रेटिंग्स ने सोमवार को कहा कि अडाणी समूह के लेखा में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाली हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट का कंपनी के वित्तपोषण की लागत पर कम समय के लिए सीमित असर पड़ा है. रेटिंग एजेंसी ने अडाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई की साख की पुष्टि करते हुए यह बात कही.

रेटिंग एजेंसी ने एक बयान जारी करके कहा कि उसने अडाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड (एईएमएल) के अमेरिकी डॉलर वरिष्ठ सुरक्षित नोट की ‘बीबीबी-’ रेटिंग की पुष्टि की है. ये 2030 में परिपक्व होने वाले हैं. उसने एईएमएल के 2 अरब डॉलर के वैश्विक मध्यम अवधि के नोट कार्यक्रम और इसके तहत जारी नोट के लिए भी ‘बीबीबी-’ रेटिंग की पुष्टि की.

‘बीबीबी’ का मतलब ऐसे निवेश स्तर की रेटिंग से होता है जिसमें ऋण जोखिम तुलनात्मक रूप से अधिक होता है. बयान में कहा गया कि नियमित परिसंपत्तियों से उच्च नकदी प्रवाह, नियामक की मंजूरी प्राप्त पूंजीगत व्यय और नकदी की पर्याप्तता के अलावा फरवरी 2030 तक किसी उल्लेखनीय कर्ज की अवधि पूरी नहीं होने जैसे कारकों ने एईएमएल की वित्तीय स्थिति को समर्थन दिया है. हालांकि फिच ने एईएमएल के प्रबंधन एवं कंपनी संचालन से जुड़े आकलन की रेटिंग घटाकर ‘बीबी प्लस’ कर दी है.

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