देहरादून/रुद्रप्रयाग/मुंबई. उत्तराखंड में केदारनाथ के पास रविवार को एक निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे उसमें सवार छह श्रद्धालुओं समेत सात लोगों की मौत हो गयी. रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यह दुर्घटना गौरीकुंड के जंगलों के ऊपर हुई. इस दुर्घटना में मरने वालों में पायलट और एक शिशु भी शामिल है.
उन्होंने बताया कि सुबह लगभग साढ.े पांच बजे ‘आर्यन एविएशन’ के हेलीकॉप्टर ने केदारनाथ से गुप्तकाशी के लिए उड़ान भरी और अचानक यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया. रजवान ने बताया कि माना जा रहा है कि खराब मौसम के कारण दृश्यता कम होने की वजह से यह हादसा हुआ.
रुद्रप्रयाग के जिला पर्यटन विकास अधिकारी एवं हेली सेवा के नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि हेलीकॉप्टर से संपर्क टूटने पर उसकी खोजबीन शुरू की गयी जिसके बाद दुर्घटना का पता चला. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा प्रतिवादन बल, पुलिस सहित अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं. घटनास्थल का एक वीडियो स्थानीय लोगों को प्राप्त हुआ है जिसमें दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर से उठती आग की लपटें देखी जा सकती हैं.
रुद्रप्रयाग जिले की पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान महाराष्ट्र निवासी राजकुमार सुरेश जायसवाल (41), उनकी पत्नी श्रद्धा जायसवाल (35) और बेटी काशी (दो), उत्तर प्रदेश निवासी विनोद देवी (66) तथा तुसथी सिंह (19) और केदारनाथ निवासी विक्रम एवं पायलट राजवीर सिंह चौहान के रूप में हुई है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर एक संदेश में कहा कि हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने का अत्यंत दुखद समाचार मिला है और राज्य आपदा प्रतिवादन बल सहित अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्यों में लगी हैं. इससे पहले, आठ मई को उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री धाम जा रहा एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें छह लोगों की मौत हो गयी थी . सात जून को भी केदारनाथ जा रहे एक हेलीकॉप्टर को उड़ान भरते ही तकनीकी खराबी आ जाने के कारण सड़क पर आपात लैंडिंग करनी पड़ी थी जिसमें पायलट को चोटें आयीं थी लेकिन उसमें सवार पांच श्रद्धालु सुरक्षित बच गए थे.
उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर संचालन के लिए सख्त एसओपी बनेगी: मुख्यमंत्री धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में हेलीकॉप्टर संचालन के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के रविवार को निर्देश दिए हैं. केदारनाथ में रविवार को एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के कुछ ही घंटों बाद मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री ने दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को सख्त एसओपी बनाने के लिए निर्देशित किया जिसमें हेलीकॉप्टर की तकनीकी स्थिति की पूर्ण जांच और उड़ान से पूर्व मौसम की सटीक जानकारी लेना अनिवार्य हो. उन्होंने इसके लिए मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन को तकनीकी विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने के निर्देश दिए जो हेली सेवा के संचालन के सभी तकनीकी व सुरक्षा पहलुओं की गहन समीक्षा करने के बाद एसओपी तैयार करेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिति सुनिश्चित करेगी कि हेली सेवाओं का संचालन पूरी तरह से सुरक्षित, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुसार हो. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में पूर्व में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति, रविवार को हुई दुर्घटना के भी हर पहलू की गहनता से जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी.
हेलीकॉप्टर हादसे के बाद चार धाम यात्रा के लिए आर्यन एविएशन का परिचालन निलंबित
केदारनाथ क्षेत्र में रविवार सुबह आर्यन एविएशन के एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद सरकार ने तत्काल प्रभाव से चार धाम यात्रा के लिए इसके संचालन को निलंबित कर दिया है. एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है.
इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने सुरक्षा एहतियात के तौर पर 15 और 16 जून को क्षेत्र में चार्टर और शटल हेलीकॉप्टर परिचालन को निलंबित करने की घोषणा की थी. मंत्रालय ने कहा कि प्रारंभिक संकेत बताते हैं कि इसका संभावित कारण ‘नियंत्रित उड़ान क्षेत्र’ (सीएफआईटी) हो सकता है, क्योंकि घाटी के प्रवेश क्षेत्र में खराब दृश्यता और व्यापक बादल होने के बावजूद हेलीकॉप्टर कथित तौर पर हवा में था.
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) द्वारा विस्तृत जांच के बाद ही दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सकेगा. इसमें कहा गया है कि नागर विमानन मंत्रालय ने डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) को तत्काल उड़ान योग्यता, सुरक्षा और संचालन से संबंधित अधिकारियों को तैनात करने का निर्देश दिया है, ताकि केदारनाथ घाटी में हेलीकॉप्टर की सभी गतिविधियों पर सक्रिय रूप से निगरानी रखी जा सके और यूसीएडीए नियंत्रण कक्ष के कामकाज की गहन समीक्षा की जा सके.
ट्रांसभारत एविएशन के दो हेलीकॉप्टर – वीटी-टीबीसी, जिसके पायलट योगेश ग्रेवाल कमांड में थे और वीटी-टीबीएफ, जिसके पायलट जितेन्द्र हरजाई पीआईसी थे, समान अनुपयुक्त मौसम स्थितियों में उड़ान भरते पाए गए. मंत्रालय ने कहा कि तदनुसार, दोनों पायलटों के लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित कर दिए गए हैं.