स्टेडियम के पास भगदड़: जांच आयोग ने आयोजकों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 24 Jul 2025 10:49 PM
स्टेडियम के पास भगदड़: जांच आयोग ने आयोजकों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया
ऑडियो सुनें

बेंगलुरु. चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास चार जून को हुई भगदड़ की जांच कर रहे एक सदस्यीय आयोग ने इस घटना के लिए आयोजकों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों दोनों को जिम्मेदार ठहराया है. भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई थी. उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति माइकल डी’कुन्हा वाले आयोग ने 11 जुलाई को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को दो खंडों वाली रिपोर्ट सौंपी.

राज्य मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी), कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) और डीएनए नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया. इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने का निर्देश दिया.

कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री एच के पाटिल द्वारा साझा की गई इस रिपोर्ट में आयोजन के आयोजकों- रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (आरसीएसपीएल), डीएनए एंटरटेनमेंट नेटवर्क और केएससीए पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया गया है. इसमें यह भी कहा गया है कि अनिवार्य मंजूरी न होने के बावजूद आयोजन की अनुमति देकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी इसमें शामिल थे.
रिपोर्ट में कहा गया है, “आयोजकों का यह कर्तव्य था कि वे कम से कम सात दिन पहले निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत करके पूर्व अनुमति प्राप्त करते…लेकिन वे ऐसा करने में विफल रहे.”

आयोग ने तत्कालीन पुलिस आयुक्त बी दयानमदा, अतिरिक्त आयुक्त (पश्चिम) विकास कुमार विकास, पुलिस उपायुक्त सेंट्रल डिवीजन शेखर एच टेक्कनवर, कब्बन पार्क सहायक पुलिस आयुक्त सी बालकृष्ण और पुलिस निरीक्षक गिरीश ए के का नाम लेते हुए कहा है कि वे “यह जानते हुए भी कि यह आयोजन अनधिकृत था और यह कार्यक्रम बिना उचित सुरक्षा व्यवस्था के जल्दबाजी में आयोजित किया गया, इस कार्यक्रम को रोकने में विफल रहे.” आयोग की रिपोर्ट में अवैज्ञानिक बैरिकेडिंग, संकीर्ण प्रवेश द्वार, पुलिस र्किमयों की कम तैनाती और बुनियादी आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया तंत्र का अभाव समेत कई गंभीर खामियों की ओर इशारा किया गया है, जिनके कारण यह घटना हुई.

रिपोर्ट में कहा गया है कि आयोजन स्थल के पास कोई आपातकालीन चिकित्सा केंद्र या आपातकालीन चिकित्सा केंद्र स्थापित नहीं किया गया था. इसके अलावा, रिपोर्ट में आयोजकों पर असंगत और भ्रामक घोषणाएं करने का आरोप लगाया गया, जिससे भीड़ में अफरातफरी मच गई. आयोजकों ने प्रवेश द्वार के बारे में कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए, जिससे भीड़ अनियंत्रित रूप से उमड़ पड़ी. बैरिकेड भी खराब तरीके से लगाए गए थे, जिससे खतरनाक अड़चनें पैदा हुईं.

आयोग ने आरसीबी, डीएनए एंटरटेनमेंट, केएससीए और उनके संबंधित अधिकारियों राजेश मेनन, टी वेंकट वर्धन, सुनील माथुर, रघुराम भट, ए शंकर और जयराम ई एस के साथ-साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की, जिन्होंने बिना मंजूरी के कार्यक्रम की सुविधा प्रदान की. यह भगदड़ आरसीबी फ्रैंचाइज.ी द्वारा आईपीएल में अपने सफल अभियान के बाद आयोजित विजय जुलूस के दौरान हुई. स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ एकत्र हो गई थी, जिससे भगदड़ मच गई.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu