स्टोक्स को पांच विकेट, पंत के अर्धशतक के बावजूद 358 रन पर सिमटा भारत

मैनचेस्टर. ऋषभ पंत ने पैर में फ्रैक्चर के बावजूद अर्धशतक जड़ा लेकिन इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स (72 रन पर पांच विकेट) ने आठ साल में पहली बार पांच विकेट चटकाकर भारत को चौथे क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन चाय से पूर्व पहली पारी में 358 रन पर समेट दिया. इंग्लैंड ने इसके जवाब में तेज शुरुआत करते हुए चाय तक 14 ओवर में बिना विकेट खोए 77 रन बनाए. बेन डकेट 43 जबकि जैक क्रॉली 33 रन बनाकर खेल रहे हैं.

भारतीय तेज गेंदबाजों ने अच्छी शुरुआत नहीं की और दिशाहीन गेंदबाजी की. पदार्पण कर रहे तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज अपने दो छोटे स्पैल में विकेट हासिल नहीं कर पाए जबकि अनुभवी जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके.
सत्र का आकर्षण हालांकि पंत रहे जिन्होंने चलने में हो रही परेशानी के बावजूद 75 गेंद में 54 रन की पारी खेली.

पंत ने जोफ्रा आर्चर (73 रन पर तीन विकेट) की धीमी गेंद पर मिडविकेट और स्क्वायर लेग के बीच से छक्का जड़ा और फिर स्टोक्स को कवर के ऊपर से चौका लगाकर यादगार अर्धशतक पूरा किया. इस पारी के लिए खचाखच भरे स्टेडियम में दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाई गईं. आर्चर ने आखिरकार जब पंत को बोल्ड किया तो विरोधी टीम ने भी उनकी साहसिक पारी के महत्व को स्वीकारा और जो रूट ने उनकी पीठ थपथपाई.

स्टोक्स ने कंबोज को विकेट के पीछे कैच कराकर पारी में पांच विकेट पूरे किए जबकि आर्चर ने जसप्रीत बुमराह को विकेटकीपर जेमी स्मिथ के हाथों कैच कराके भारत की पारी का अंत किया. सुबह के सत्र में पंत पैर में फ्रैक्चर के बावजूद बल्लेबाजी करने उतरे जबकि शारदुल ठाकुर ने जुझारू पारी खेलकर लंच तक भारत को छह विकेट पर 321 रन तक पहुंचाया.

भारत ने दिन की शुरुआत चार विकेट पर 264 रन से की. आसमान में छाए बदलों के बीच इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों विशेषकर आर्चर की गेंद काफी सीम और स्विंग कर रही थी. आर्चर को उनके शुरुआती स्पेल में अधिकांश समय बल्लेबाजों को खेलने में काफी परेशानी हुई.
स्टोक्स की गुड लेंथ की कुछ गेंदों ने काफी उछाल हासिल किया जिससे बल्लेबाजों की मुश्किलों और बढ. गईं. इंग्लैंड ने दिन की शुरुआत में ही नई गेंद ली और क्रिस वोक्स को थमाई लेकिन मेजबान टीम को शुरुआती सफलता आर्चर के अगले ओवर में मिली.

फॉर्म में चल रहे रविंद्र जडेजा (20 रन) आर्चर की लेग साइड पर टप्पा खाकर बाहर की ओर मूव होती गेंद पर दूसरी स्लिप में हैरी ब्रुक को कैच दे बैठे. गेंदबाजों को मिल रही मदद के बीच शारदुल (41 रन, 88 गेंद) ने आक्रामक रुख अपनाया और वोक्स को कवर क्षेत्र में बैकफुट पर शानदार चौका जड़ दिया. कुछ मिनट बाद शारदुल ने स्टोक्स की फुल लेंथ गेंद को कवर क्षेत्र से चार रन के लिए भेजा.

स्टोक्स ने आखिरकार ऑलराउंडर शारदुल को ड्राइव करने के लिए उकसाकर गली में डकेट के हाथों कैच करा दिया. मैदान पर मौजूद सभी लोगों को यह देखकर हैरानी हुई कि शारदुल के आउट होने के बाद पंत लंगड़ाते हुए बल्लेबाजी के लिए आए और सभी ने खड़े होकर उनका स्वागत किया. दाहिने पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर के बावजूद पंत ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों का सामना करने का साहसिक फैसला किया. उन्हें दौड़कर एक रन लेने में काफी मुश्किल हो रही थी लेकिन यह तथ्य कि वह क्रीज पर थे उनके धैर्य और चरित्र के बारे में बहुत कुछ कहता है.

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