केंद्र को ‘राम सेतु’ से जुड़ी याचिका पर शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश दे न्यायालय : स्वामी का आग्रह

नयी दिल्ली. राज्यसभा के पूर्व सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर केंद्र को निर्देश देने का आग्रह किया कि वह ‘राम सेतु’ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के उनके अनुरोध पर शीघ्र निर्णय ले. ‘राम सेतु’, जिसे एडम ब्रिज के नाम से भी जाना जाता है, तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी तट पर पम्बन द्वीप और श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी तट पर मन्नार द्वीप के बीच चूना पत्थर की एक श्रृंखला है. अधिवक्ताओं सत्य सभरवाल और पलक बिश्नोई द्वारा तैयार की गई अपनी याचिका में स्वामी ने मामले में शीर्ष अदालत द्वारा पारित 19 जनवरी, 2023 के आदेश का हवाला दिया है. केंद्र ने 19 जनवरी, 2023 को शीर्ष अदालत को बताया था कि वह ‘राम सेतु’ को राष्ट्रीय धरोहर स्मारक घोषित करने से संबंधित मुद्दे पर विचार कर रहा है. उस समय शीर्ष अदालत इस मुद्दे पर स्वामी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

उच्चतम न्यायालय ने जनवरी 2023 के अपने आदेश में कहा था, ह्लसॉलिसिटर जनरल ने कहा कि यह प्रक्रिया वर्तमान में संस्कृति मंत्रालय में चल रही है, लेकिन यदि याचिकाकर्ता चाहे तो वह दो सप्ताह की अवधि के भीतर अपनी इच्छानुसार कोई अतिरिक्त सामग्री या संचार भी प्रस्तुत कर सकता है.ह्व न्यायालय ने केन्द्र से इस मुद्दे पर निर्णय लेने को कहा था और स्वामी को यह स्वतंत्रता दी थी कि यदि वह असंतुष्ट हों तो वे पुन? न्यायालय में आवेदन कर सकते हैं तथा इस मुद्दे पर उनकी अंतरिम याचिका का निपटारा कर दिया था.
स्वामी द्वारा दायर नयी याचिका में कहा गया है कि आज तक न तो उन्हें और न ही सर्वोच्च न्यायालय को कोई प्रतिक्रिया या लिए गए निर्णय से अवगत कराया गया है. इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार का कर्तव्य है कि वह ‘राम सेतु’ को किसी भी प्रकार के दुरुपयोग या अपवित्रता से बचाए.

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