‘लव जिहाद’ मामले में फरार कांग्रेस पार्षद को आत्मसमर्पण कर देना चाहिए : नेता प्रतिपक्ष

इंदौर. इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने बुधवार को कहा कि ‘लव जिहाद’ के कथित वित्तपोषण के मामले में करीब दो महीने से फरार कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी को आत्मसमर्पण कर देना चाहिए. पार्षद की गिरफ्तारी पर 20,000 रुपये का इनाम घोषित है. नेता प्रतिपक्ष ने हालांकि यह आरोप भी लगाया कि सत्तारूढ. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए कादरी को ‘लव जिहाद’ मामले में फंसाया है. चौकसे, कांग्रेस के नेता हैं.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”भाजपा सरकार कादरी को सूबे के सबसे बड़े अपराधी के तौर पर पेश कर रही है, जबकि नगर निगम के सम्मेलनों में वह हमेशा गोमाता और मंदिरों के समर्थन में बात करते थे.” चौकसे ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ. भाजपा के इशारे पर कादरी को ‘लव जिहाद’ के कथित वित्तपोषण के मामले में उसी तरह फंसाया गया है, जिस तरह पूरे देश में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के दुरुपयोग से विपक्षी नेताओं पर झूठे आरोप गढ़कर कार्रवाई की जा रही है ताकि बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके.
यह पूछे जाने पर कि कादरी पिछले दो महीने से क्यों फरार हैं, नेता प्रतिपक्ष ने जवाब दिया, ”निश्चित रूप से यह गलत है. उन्हें आत्मसमर्पण कर देना चाहिए.” इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मंगलवार को कहा था कि कादरी की सदस्यता बर्खास्त करने के लिए नगर निगम के आगामी सम्मेलन में प्रस्ताव पेश किया जाएगा.

उन्होंने कहा था कि ‘लव जिहाद’ के वित्तपोषण और अन्य गंभीर आरोपों के कारण उनका पार्षद बने रहना शहर के हित में कतई नहीं है. ‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल दक्षिणपंथी संगठन यह दावा करने के लिए करते हैं कि मुस्लिम पुरुष अन्य धर्मों की महिलाओं को इस्लाम में धर्मांतरित करने के लिए प्रेम के जाल में फंसाते हैं.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शहर के दो युवकों-साहिल शेख और अल्ताफ शाह ने जून के दौरान पुलिस की पूछताछ में कथित तौर पर स्वीकार किया था कि युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरित कराने के लिए उन्हें कादरी ने कुल तीन लाख रुपये दिए थे और यह रकम उन्होंने युवतियों पर खर्च की थी.

अधिकारी ने बताया कि दोनों युवकों को अलग-अलग मामलों में दो युवतियों से दुष्कर्म और अन्य आरोपों में गिरफ्तार किया गया था.
उन्होंने बताया कि दोनों युवकों के बयान के आधार पर कादरी के खिलाफ धन के दम पर धर्मांतरण की साजिश में शामिल होने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था जिसके बाद वह फरार हो गए थे.

अधिकारी ने बताया कि कादरी के फरार होने के बाद जिला प्रशासन ने सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार करने का आदेश जारी किया था. उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्षद के खिलाफ शहर के अलग-अलग पुलिस थानों में 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं.

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