छग के एक निजी अस्पताल में ‘बच्चा बदलने’ के आरोप से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करेगा न्यायालय

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 03 Sep 2025 08:16 PM
छग के एक निजी अस्पताल में ‘बच्चा बदलने’ के आरोप से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करेगा न्यायालय
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय छत्तीसगढ़ के एक निजी अस्पताल में “बच्चा बदले जाने” का आरोप लगाने वाली एक दंपति की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है और कहा है कि इस मामले पर विचार किए जाने की आवश्यकता है. न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने एक सितंबर को छत्तीसगढ़ सरकार और रायपुर स्थित अस्पताल के निदेशक सहित अन्य को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब मांगा था.

पीठ ने कहा, “मामले पर विचार की आवश्यकता है. प्रतिवादियों को नोटिस जारी करें, जिसका जवाब चार सप्ताह में दिया जाए.” याचिकाकर्ता छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के जनवरी के आदेश को चुनौती दे रहे थे, जिसमें शिकायत की जांच के अलावा डॉक्टर और अस्पताल के निदेशक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया गया था.

शिकायत के अनुसार, महिला ने अस्पताल में एक लड़की और एक लड़के को जन्म दिया, लेकिन बाद में उसे पता चला कि दोनों ही लड़कियां थीं. दावों के बाद, डीएनए परीक्षण कराया गया और परिणाम याचिकाकर्ताओं के केवल एक लड़की से मेल खाते थे.
माता-पिता ने मामले की जांच की मांग करते हुए “बच्चों की अदला-बदली का स्पष्ट मामला” बताया.

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने कहा कि उच्च न्यायालय इस बात पर विचार करने में विफल रहा कि क्या शिकायत की उचित जांच की गई थी ताकि पता लगाया जा सके कि अस्पताल में उनके मुवक्किल ने लड़के और लड़की को जन्म दिया था या नहीं.
उच्च न्यायालय में जिरह करते हुए राज्य के वकील ने छह विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक जांच समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसने अस्पताल के सभी दस्तावेजों को “सही” पाया और किसी भी प्रकार की बच्चा चोरी की आशंका को खारिज कर दिया.

अस्पताल के निदेशक ने उच्च न्यायालय को सूचित किया कि अधिकारियों ने मामले की गहन जांच की है और रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है.
अस्पताल पर किसी भी आपराधिक कृत्य का आरोप नहीं लगाया गया है. हालांकि अस्पताल ने बच्चों को अस्पताल से छुट्टी के समय उनके माता-पिता को सौंप दिया था. उच्च न्यायालय ने कहा था, “हमें इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई उचित आधार नहीं मिला. याचिकाकर्ता चाहें तो कानून का सहारा लेने के लिए स्वतंत्र हैं.”

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu