उत्तराखंड में चारधाम यात्रा मार्ग पर लगातार हो रहे हेलीकॉप्टर हादसों ने चिंता बढ़ाई

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 15 Jun 2025 08:14 PM
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा मार्ग पर लगातार हो रहे हेलीकॉप्टर हादसों ने चिंता बढ़ाई
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देहरादून. उत्तराखंड में चारधाम मार्ग पर हेलीकॉप्टर हादसे या हेलीकॉप्टर को आपात स्थिति में उतारने की लगातार हो रही घटनाओं ने लोगों और प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं . रविवार सुबह आर्यन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का एक हेलीकॉप्टर केदारनाथ से गुप्तकाशी लौटते समय गौरीकुंड के ऊपर हादसे का शिकार हो गया. यह इस साल चारधाम यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर हादसे की पांचवीं घटना है.

इस हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार सभी पांच श्रद्धालुओं, एक पायलट और बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के एक प्रतिनिधि समेत सात लोगों की मृत्यु हो गयी. इस साल तीस अप्रैल को चारधाम यात्रा शुरू हुई थी. केदारनाथ जा रहे केस्ट्रल एविएशन के एक हेलीकॉप्टर को सात जून को उड़ान भरने के तत्काल बाद एक तकनीकी समस्या के कारण सड़क पर आपात स्थिति में उतरना पड़ा था .

हेलीकॉप्टर के आबादी के पास एक सड़क पर उतरने के कारण उसका ‘टेल रोटर’ वहां खड़ी एक कार के ऊपर काफी देर तक घूमता रहा जिसका वीडियो भी खूब वायरल हुआ था . हालांकि,घटना में केवल पायलट को ही चोटें आयीं और हेलीकॉप्टर में सवार पांचों श्रद्धालु सुरक्षित बच गए .

इस घटना से एक माह पहले आठ मई को उत्तरकाशी जिले के गंगनानी में गंगोत्री धाम जा रहा निजी कंपनी का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें पांच महिला श्रद्धालु समेत छह लोगों की मौत हो गयी थी जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ था .

बारह मई को भी श्रद्धालुओं को लेकर बदरीनाथ से सिरसी लौट रहे एक हेलीकॉप्टर को खराब दृश्यता के कारण उखीमठ में एक स्कूल के मैदान में आपात स्थिति उतरना पड़ा था . हालांकि, एक घंटे बाद मौसम सुधरने पर हेलीकॉप्टर ने पुन: उड़ान भर ली थी .
सत्रह मई को एम्स ऋषिकेश की एक हेली एम्बुलेंस का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था जिसके कारण वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था . हालांकि, इसमें सवार तीनों व्यक्ति-एक चिकित्सक, एक पायलट और एक मेडिकल स्टॉफ सदस्य सौभाग्यशाली रहे कि वे सुरक्षित बच गए .

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि इस साल चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद करीब डेढ़ माह में यात्रा मार्ग पर हुआ यह पांचवां हेलीकॉप्टर हादसा है. उन्होंने आरोप लगाया, “यह साबित करता है कि राज्य सरकार का यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर चला रही कंपनियों पर कोई नियंत्रण नहीं है . हेलीकॉप्टर संचालन के लिए कोई एसओपी नहीं है . पैसा कमाने के लिए हेली कंपनियां यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही हैं . एक दिन में हेलीकॉप्टरों द्वारा लगाए जाने वाले चक्करों की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है .” सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल ने कहा कि ऐसा लगता है कि राज्य सरकार यात्रा मार्ग पर हो रही हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं से कोई सबक नहीं ले रही है .

उन्होंने कहा, “चार दिन पहले समाचार आया कि हेली संचालन के लिए सख्त नियम होंगे और उनमें पांच-छह यात्रियों की जगह तीन-चार यात्रियों को ही बैठाने की अनुमति होगी . हालांकि, चार दिन बाद एक और हेलीकॉप्टर दुर्घटना में पायलट समेत सात लोग मारे गए .” नौटियाल ने कहा,”अगर आप व्यवस्था को बदलना नहीं चाहते तो आप लोगों से झूठ क्यों बोलते हो ? क्या लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को निलंबित किया जाएगा ? क्या कोई इसकी जिम्मेदारी लेगा? एक माह से कुछ ज्यादा समय में पांच दुर्घटनाएं होने के बाद क्या इन हेलीकॉप्टर कंपनियों पर लगाम कसी जाएगी या इसी तरह दुर्घटनाएं होती रहेंगी?”

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