Tomato Price: टमाटर के भाव एक महीने में 29 फीसदी तक घटे, अब प्याज को सस्ता रखने के लिए सरकार उठा रही यह कदम

टमाटर का अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य पिछले महीने की तुलना में 29 फीसदी तक कम हो गया है। सरकार के अनुसार टमाटर का औसत मूल्य बाजार में इसकी आवक सुधरने के कारण घटा है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से मंगलवार को कहा गया है कि मानसून की बारिश के कारण मंडियों में टमाटर की आवक बढ़ी है। इससे कीमतों में राहत मिली है। मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी कहा है कि बाजार में प्याज की खुदरा कीमतें भी पिछले साल के मुकाबले नौ फीसदी तक कम हुईं हैं। ज्ञात हो कि प्याज और टमाटर भारतीय किचन में इस्तेमाल होने वाली दो अहम सब्जियां हैं।

एक महीने में 52 रुपये प्रति किग्रा से 37 रुपये प्रति किग्रा तक पहुंचे टमाटर के भाव

मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार टमाटर का अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य मंगलवार (19 जुलाई को) को 37.35 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था, जबकि एक महीने पहले यह 52.5 रुपये प्रति किलोग्राम था। वहीं, सरकार के आंकड़ों के मुताबिक प्याज का अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य मंगलवार को 25.78 रुपये प्रति किलोग्राम था।

सरकार ने प्याज का भंडारण कर बफर स्टॉक तैयार किया

केंद्र सरकार ने कहा है कि चालू वर्ष में उसने 2.50 लाख टन प्याज का भंडार तैयार किया है, जो अबतक का सबसे अधिक खरीदा गया प्याज का बफर स्टॉक है। सरकार का मानना है कि उसके इस कदम से प्याज के 317.03 लाख टन रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद इस साल मंडियों में कीमतें नहीं टूटीं हैं। मंत्रालय की ओर से यह भी कहा गया है कि इस साल प्याज के इस बफर स्टॉक का इस्तेमाल अगस्त से दिसंबर महीने के दौरान बाजार में प्याज की कीमतों को स्थिर रखने के लिए किया जाएगा। आपको बता दें कि हर साल अगस्त से दिसंबर महीने के बीच देश की मंडियों में प्याज की कीमतों में अलग-अलग कारणों से उछाल देखने को मिलता है।

देश में प्याज की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार उठा रही है यह कदम

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने कहा है कि प्याज के बफर स्टॉक को खुले बाजार में बिक्री के माध्यम से जारी किया जाएगा। खुदरा दुकानों में आपूर्ति के लिए इसे राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और सरकारी एजेंसियों को दिया जाएगा। सरकार ने कहा है कि प्याज के बफर स्टॉक का इस्तेमाल देश के उन लक्षित बाजारों में किया जाएगा जहां कीमतें पिछले महीने की तुलना में बढ़ रहीं हैं। प्याज के बफर स्टॉक का इस्तेमाल कर उन क्षेत्रों की प्रमुख मंडियों में प्याज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

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