कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस विधायक दल ने मंगलवार को अपने सदस्य हुमायूं कबीर को सार्वजनिक रूप से भड़काऊ एवं सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील टिप्पणी नहीं करने की हिदायत दी और उन्हें पार्टी अनुशासन का पालन करने का निर्देश दिया. इसके बाद, विधायक ने कहा कि वह पार्टी के निर्देशों का अनुपालन करेंगे.
कबीर को मंगलवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सदस्य शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने के लिए संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने अपने कक्ष में बुलाया था और कहा था कि वह ऐसा कुछ न कहें जो पार्टी के खिलाफ हो.
पार्टी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष चट्टोपाध्याय ने संवाददाताओं से कहा, ”हमने कबीर से स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चाहे जो भी उकसावे हों, आपको पार्टी रुख का पालन करना होगा. आपको ऐसा कुछ भी नहीं कहना चाहिए जो संविधान के विरुद्ध हो.” उन्होंने कहा, ” हम सभी अपनी धार्मिक पहचान का पालन और अनुसरण करते हैं. हमने संविधान के पंथनिरपेक्ष लोकतांत्रिक सिद्धांतों की रक्षा करने की शपथ ली है.” भाजपा नेता अधिकारी ने कहा था कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो तृणमूल के मुस्लिम विधायकों को विधानसभा से ‘बाहर निकाल दिया जाएगा’. कबीर ने 12 मार्च को अधिकारी की आलोचना की थी.
उन्होंने सोमवार को कहा था कि ”भले ही मैं तृणमूल विधायक हूं लेकिन एक कट्टर मुसलमान के रूप में मेरी पहचान सबसे पहले है.” उन्होंने सोमवार को यह भी कहा कि वह अधिकारी के खिलाफ अपनी टिप्पणी वापस नहीं लेंगे, क्योंकि वह अपने खिलाफ पार्टी की संभावित कार्रवाई से डरते नहीं हैं.
चट्टोपाध्याय ने कहा कि विधायक ने भविष्य में सार्वजनिक रूप से कोई अनुचित टिप्पणी नहीं करने का वादा किया है. कबीर ने बाद में संवाददाताओं से कहा, ”मैं विधायक दल की अनुशासन समिति के निर्देशों का पालन करूंगा.” उन्होंने कहा, ”मुझे जो कुछ भी कहना था, मैंने समिति के सम्मानित सदस्यों के समक्ष स्पष्ट कर दिया है. मुझे लगता है कि अनुशासन समिति ने पार्टी पदाधिकारी के तौर पर मुझे उचित सम्मान दिया है.” यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने माफी मांगी है, कबीर ने कहा कि ऐसा कोई सुझाव नहीं दिया गया था.