
लंदन. समस्याओं में फंसी ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने शुक्रवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री और पार्टी में शीर्ष पद के दावेदार रहे जेरमी हंट को नया वित्त मंत्री बनाने की घोषणा की. इसके साथ ही उन्होंने कंपनी कर में कटौती के प्रस्ताव को रद्द कर दिया है. इससे पहले, उन्होंने अपने करीबी वित्त मंत्री क्वासी क्वारतेंग को पद से बर्खास्त कर दिया. पिछले महीने के अंत में कर कटौती के प्रस्ताव वाले ‘मिनी बजट’ के कारण अर्थव्यवस्था में आए उठा-पटक को रोकने के लिये यह कदम उठाया गया है.
ट्रस ने संवाददाता सम्मेलन में वित्त मंत्रालय में बदलाव की घोषणा की. इसके साथ उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि सरकार अप्रैल, 2023 से कंपनियों के लिये कर 19 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करेगी. यह प्रस्ताव पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने रखा था जिसे क्वारतेंग ने वापस लेने की घोषणा की थी. ट्रस का यह कदम बाजार की उम्मीद के अनुरूप है.
उन्होंने कहा, ‘‘यह साफ है कि मिनी बजट में जो घोषणा की गयी, वह बाजार की उम्मीद से कहीं ज्यादा थी. इसीलिए, हमें काम के तरीके में बदलाव लाना पड़ा है.’’ ट्रस ने कहा, ‘‘हमें अपने राजकोषीय अनुशासन को लेकर बाजारों को आश्वस्त करने के लिये अभी कार्य करने की आवश्यकता है. इसलिए मैंने पिछली सरकार के कंपनी कर में वृद्धि के प्रस्ताव को बनाये रखने का निर्णय किया है.’’ नये वित्त मंत्री के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘आज मैंने जेरमी हंट को नया वित्त मंत्री बनने के लिये कहा है. वह सबसे अनुभवी और व्यापक रूप से सम्मानित सरकारी मंत्रियों और सांसदों में से एक हैं….’’
उन्होंने कहा, ‘‘वह इस महीने के अंत में मध्यम अवधि की वित्तीय योजना पेश करेंगे.’’ बोरिस जॉनसन के जुलाई में इस्तीफा देने के बाद हंट खुद शीर्ष पद की दौड़ में थे. लेकिन कंजर्वेटिव पार्टी के पर्याप्त सदस्यों का समर्थन नहीं मिलने पर उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री सुनक को समर्थन दिया. उनकी नियुक्ति को ट्रस के पार्टी के भीतर मतभेद को दूर करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है. ट्रस ने क्वारतेंग को लिखे पत्र में कहा है कि वह उनके पद से हटने से दु:खी हैं. उन्होंने यह संकेत दिया कि वह अभी भी विवादास्पद मिनी-बजट में निर्धारित व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण में भरोसा करती है.
क्वारतेंग का कार्यकल महज 38 दिन का रहा. उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि उनसे वित्त मंत्री पद से हटने को कहा गया है. उन्होंने अपने त्यागपत्र में लिखा है, ‘‘जैसा कि मैंने पिछले कुछ सप्ताह में कई बार कहा है कि यथास्थिति बनाये रखना कोई विकल्प नहीं है. बहुत लंबे समय से यह देश कम वृद्धि दर और उच्च कराधान झेल रहा है. अगर इस देश को सफल होना है तो इसमें बदलाव लाना होगा.’’ उनके कार्यकाल में कर में कटौती की घोषणा की गयी जिससे पौंड की विनिमय दर में भारी गिरावट आई. इसके कारण बैंक आॅफ इंगलैंड को आर्थिक संकट को रोकने के लिये कदम उठाना पड़ा.



