यूक्रेनी सेना के हमले जारी, नए इलाकों में बढ़त बनाने का दावा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 03 Oct 2022 08:04 PM
यूक्रेनी सेना के हमले जारी, नए इलाकों में बढ़त बनाने का दावा
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कीव. यूक्रेनी सैनिकों को देश के दक्षिणी खेरसॉन क्षेत्र में नयी बढ़त मिली है और सोमवार को भी उनका यह अभियान जारी रहा, जो मॉस्को के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है. कीव के अधिकारियों और विदेशी पर्यवेक्षकों ने यह जानकारी दी. उल्लेखनीय है कि खेरसॉन वह क्षेत्र है जिसका रूस विलय करना चाहता है. यूक्रेन के लिए खेरसॉन मुश्किल युद्ध का मैदान साबित हुआ है और यहां, पिछले महीने देश के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव पर फतह हासिल करने के मुकाबले उसे अपेक्षाकृत धीरे-धीरे सफलता मिल रही है.

खेरसॉन उन चार इलाकों में शामिल है जिन्हें क्रेमलिन प्रायोजित ‘जनमत संग्रह’ के बाद रूस ने पिछले सप्ताह मॉस्को के साथ विलय करने का ऐलान किया था. क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति कार्यालय) नियंत्रित संसद के निचले सदन ने सोमवार को विलय को लेकर की गई संधि की पुष्टि कर दी. इस संधि को मंजूरी देने लिए मंगलवार को उच्च सदन में पेश किया जाएगा.

क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने सोमवार को बताया कि दो क्षेत्र दोनेत्स्क और लुहांस्क वर्ष 2014 में रूस समर्थकों और यूक्रेन समर्थकों के बीच संघर्ष से पहले तय प्रशासनिक सीमा के साथ रूस में शामिल हो रहे हैं. उन्होंने रेखांकित किया कि जापोरिज्जिया और खेरसॉन का मुद्दा खुला है और बातचीत जारी है. पेस्कोव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम इन इलाकों के लोगों से बातचीत कर रहे हैं.’’ उन्होंने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी.

यूक्रेन के मीडिया ने अपने देश के सैनिकों की तस्वीर प्रसारित की है जिसमें वे ख्रीश्चेनिवका गांव में राष्ट्रीय ध्वज फहराते नजर आते हैं. यह गांव उसी खेरसॉन इलाके में स्थित है जहां पर रूसी सुरक्षा पंक्ति मौजूद थी. कीव र्गिमयों से ही लगातार जवाबी कार्रवाई करते हुए रूस के आपूर्ति मार्ग को निशाना बना रहा है. यूक्रेन रूस के कब्जे वाले निपर नदी क्षेत्र के पश्चिमी हिस्सों में बढ़त बना रहा है. यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई सफल होने के बावजूद पूर्वोत्तर के मुकाबले दक्षिण में धीमी प्रगति हो रही है.

मॉस्को समर्थक रूसी सैन्य ब्लॉगरों ने स्वीकार किया है कि यूक्रेन के सैनिक बेहतर हैं और इलाके में उनके अभियान को टैंक इकाई की मदद मिल रही है. रूस द्वारा खेरसॉन इलाके में तैनात अधिकारी किरील स्ट्रीमोउसोव ने सोमवार को सुबह वीडियो संदेश में स्वीकार किया कि यूक्रेन की सेना ‘‘उनके कब्जे वाले इलाके के कुछ और भीतर तक पहुंच गई है.’’ हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘‘सबकुछ नियंत्रित है’’ और रूसी ‘‘ रक्षा प्रणाली’’ इलाके में काम कर रही है.

रूसी सेना ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के गृहनगर और अन्य ठिकानों पर रविवार को ड्रोन से हमला किया जबकि यूक्रेन ने रणनीतिक रूप से अहम पूर्वी शहर पर पूरी तरह से नियंत्रण स्थापित कर लिया जिससे युद्ध में नया मोड़ आ गया है. रूस को हाल में पूर्वी शहर लाइमैन में हार मिली जिसका इस्तेमाल वह परिवहन और रणनीतिक केंद्र के तौर पर कर रहा था. इसे रूस के लिए झटका माना जा रहा है जो यूक्रेन के चार इलाकों का विलय कर और परमाणु हमले की धमकी देकर युद्ध को तेज करना चाहता है.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन के चार हिस्सों के रूस में विलय को मंजूरी देने के साथ ही युद्ध के खतरनाक स्तर पर पहुंचने की आशंका बढ़ गई है. इससे यूक्रेन भी नाटो की सदस्यता की प्रक्रिया को तेज करने का औपचारिक आवेदन करने को प्रोत्साहित हुआ है.

जेलेंस्की ने रविवार रात देश के नाम संबोधन में हाल में मुक्त कराए गए लाइमैन की चर्चा की. उन्होंने कहा, ‘‘ दोनेत्स्क इलाके के लाइमैन की आजादी अब मीडिया में सबसे अधिक चर्चा का विषय है, लेकिन हमारे सैनिकों की सफलता लाइमैन तक सीमित नहीं है.’’ लाइमैन को यूक्रेन ने रूसी सैनिकों की घेराबंदी कर मुक्त कराया और यह दोनेत्स्क का शहर है जिसकी सीमा लुहांस्क क्षेत्र से लगती है.

यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय ने सोमवार को बताया कि रूस द्वारा गत 24 घंटे से यूक्रेन के आठ क्षेत्रों में गोलाबारी की जा रही है जिसमें दो आम लोगों की मौत हुई है और 14 अन्य घायल हुए हैं. कार्यालय ने बताया कि खबर है कि खेरसॉन क्षेत्र में बढ़त मिली है, जिसके जवाब में रूसी अधिकारी लोगों को खेरसॉन शहर छोड़ने से रोक रहे हैं और जो शहर से बाहर जाना चाहते हैं, उनके लिए विशेष परमिट व्यवस्था लागू की है.

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