कुरनूल में सब्जियों के दामों में भारी गिरावट, जगन का मुख्यमंत्री नायडू पर अनदेखी करने का आरोप

अमरावती: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू पर किसानों की ‘उपेक्षा’ करने का आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने मंगलवार को दावा किया कि राज्य में कुरनूल के किसानों को अपने अपनी उपज जैसे प्याज तीन रुपये प्रति किलो और टमाटर डेढ़ रुपये प्रति किलो के दाम पर बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

युवजन श्रमिक रयतु कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) प्रमुख ने आरोप लगाया कि नायडू फसल की गिरती कीमतों के कारण किसानों को संकट में धकेलने के लिए एक नया मानदंड स्थापित कर रहे हैं। रेड्डी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से पूछा, “चंद्रबाबू नायडू ने फसल की कीमतों में भारी गिरावट लाकर किसानों को बदहाल करने में बेजोड़ कीर्तिमान बनाए हैं।

कुरनूल में प्याज सिर्फ 3 रुपये प्रति किलो और टमाटर 1.50 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। क्या कोई इतनी कम कीमतों की कल्पना भी कर सकता है? क्या किसानों को मार देना चाहते हैं?” रेड्डी ने आरोप लगाया कि हफ्तों से किसानों के संकट में होने के बावजूद नायडू ने कोई ंिचता नहीं दिखाई। उन्होंने पूछा, “ऐसी सरकार का क्या फायदा जो अपने लोगों के सबसे मुश्किल वक्त में उनके साथ खड़ी न हो?”

रेड्डी ने कहा, “आपने (नायडू) बार-बार विज्ञापन जारी करके दावा किया कि प्याज 1,200 रुपये प्रति ंिक्वटल की दर से खरीदा जाएगा लेकिन वादा पूरा करने के बजाय आपने कुरनूल के बाजार में नीलामी करवाई, जहां कोई भी खरीदने के लिए आगे नहीं आया।”

विपक्षी दल के नेता ने पूछा कि क्या यह एक जानबूझकर तैयार की गई धारणा नहीं है? कि जैसे कुछ किया ही नहीं जा सकता जबकि वास्तविक बाजार बिगबास्केट और खुदरा दुकानों पर 29 से 32 रुपये प्रति किलोग्राम और रयथू बाजारों में 25 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्याज बेचा जा रहा है।

इसके अलावा रेड्डी ने पूछा, किसानों को ‘उस कीमत का एक अंश भी क्यों नहीं मिल रहा है?’ और आश्चर्य जताया कि क्या यह तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के नेतृत्व वाली सरकार की विफलता नहीं है? टमाटर की फसल के संकट का मुद्दा उठाते हुए रेड्डी ने आरोप लगाया कि खरीदारों की कमी के कारण असहाय किसान अपनी उपज सड़कों पर फेंक रहे हैं।

उन्होंने किसानों की उपज की खरीद और उन्हें उचित मूल्य दिलाने के लिए नायडू से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। जगन ने कहा, “यदि आप मूकदर्शक बने रहें तो किसानों को निराशा में मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता।” इस बीच तेदेपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

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