उप राष्ट्रपति चुनाव को आंकड़ों के खेल नहीं, विचाराधारा की लड़ाई के रूप में देखना होगा: रमेश

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 21 Aug 2025 09:32 PM
उप राष्ट्रपति चुनाव को आंकड़ों के खेल नहीं, विचाराधारा की लड़ाई के रूप में देखना होगा: रमेश
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नयी दिल्ली. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बृहस्पतिवार को कहा कि उप राष्ट्रपति चुनाव को नतीजों तथा आंकड़ों को खेल के रूप में नहीं, बल्कि विचारधारा की लड़ाई के रूप में देखना चाहिए. उन्होंने कहा कि सभी दलों को उप राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रड्डी का समर्थन करना चाहिए. रमेश ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में यह भी कहा कि कांग्रेस सुदर्शन रेड्डी के समर्थन में विभिन्न राजनीतिक दलों से संपर्क साधेगी. सुदर्शन रेड्डी ने बृहस्पतिवार को नामांकन दाखिल किया.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पृष्ठभूमि वाले राधाकृष्णन ने बुधवार को नामांकन दाखिल किया था.

रमेश ने कहा, ”सत्तापक्ष की तरफ से आरएसएस की विचारधारा वाले व्यक्ति उम्मीदवार हैं और विपक्ष की ओर से एक ऐसे व्यक्ति उम्मीदवार हैं जो उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं, देश के संविधान, धर्मनिरेक्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं. यह मुकाबला सिर्फ दो व्यक्तियों के बीच नहीं है, यह विचाराधा के बीच है. इसलिए हमने तय किया कि हमें चुनाव लड़ना है. यह महत्वपूर्ण निर्णय था.” उनके अनुसार, विपक्ष देश को एक संदेश देना चाहता था कि सबकुछ एकतरफ नहीं चलेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की तरफ से आम सहमति बनाने का प्रयास एक दिखावा था.

रमेश ने दावा किया, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ आम सहमति बनने की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि ये लोग आम सहमति में विश्वास ही नहीं रखते.” यह पूछे जाने पर कि क्या वह विभिन्न दलों से संपर्क करेंगे तो रमेश ने कहा, ”हम संपर्क करेंगे.” उनका कहना था कि विपक्ष के पास आंकड़े हैं और मजबूत मुकाबला होगा.

रमेश ने कहा, ”हम नतीजे को नहीं देख रहे हैं. हमारा मकसद संदेश देना था. हमारा मकसद एक साझा उम्मीदवार खड़ा करना था.” उनका कहना था कि इस मुकाबले को वे आंकड़ों के खेल के रूप में नहीं बल्कि विचारधारा के रूप में देखते है. उन्होंने कहा कि रेड्डी को उम्मीदवार बनाने के बाद स्पष्ट है कि विपक्ष एकजुट है. रमेश ने पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को लेकर दावा किया कि उन्हें चुप कराया गया है.

एसआईआर का मकसद मतदाता सूचियों को शुद्ध करने से ज्यादा लोकतंत्र को खत्म करना है: कांग्रेस

कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मकसद मतदाता सूचियों को शुद्ध करने से ज्यादा लोकतंत्र को खत्म करने का है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक खबर का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा.

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”2024 के लोकसभा चुनाव के ठीक बाद बिहार के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में निर्वाचन आयोग द्वारा किए गए 2024 ‘केएपी’ (ज्ञान, दृष्टिकोण और अभ्यास) सर्वेक्षण में कहा गया है कि मतदाता सूचियां पहले से ही ‘लगभग पूर्ण सटीक’ हैं.” उन्होंने कहा, ”कागजी कार्रवाई और जागरूकता की कमी के कारण कई पात्र नागरिक अब भी नामांकन से वंचित हैं. निर्वाचन आयोग का ध्यान समावेशन पर होना चाहिए, न कि बहिष्करण पर, क्योंकि कई उत्तरदाताओं ने अपने मतदाता पहचान पत्र प्राप्त करने में आने वाली जटिलताओं का हवाला दिया था.” उन्होंने कहा कि स्पष्ट रूप से निर्वाचन आयोग ने जनवरी 2025 तक बिहार की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कोई अनिवार्य आवश्यकता नहीं समझी थी.

कांग्रेस नेता ने सवाल किया, ”तब से क्या बदला है? क्या यह बिहार में धांधली वाले चुनाव के वादे के जरिए अपने पद को सुरक्षित रखने और अपने जर्जर राजग गठबंधन को बचाने के लिए बेताब प्रधानमंत्री की दलील थी?” रमेश ने आरोप लगाया कि इस एसआईआर का मकसद मतदाता सूचियों को शुद्ध करना कम, बल्कि लोकतंत्र को ही नष्ट करना ज्यादा है.

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