पुणे (महाराष्ट्र) स्थित फर्ग्यूसन कॉलेज रोड पर 21,000 पानी-पुरी शेल्स से बनी 13 फ़ीट ऊंची गणपति की मूर्ति स्थापित की गई जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। गणेशोत्सव अपने भव्य आयोजनों, आकर्षक सजावट और भगवान गणेश की अनूठी मूर्तियों के लिए पूरे महाराष्ट्र में प्रसिद्ध है।
हर साल भक्त अलग-अलग रचनात्मक सामग्रियों का उपयोग करके बाप्पा की मूर्तियां बनाते हैं, जो लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनती हैं। वहीं इस साल गणेशोत्सव में 21 हजार पानीपुरी से बने बप्पा की प्रतिमा बेहद वायरल हो रहा है।
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव घरों से लेकर सार्वजनिक पंडालों तक, बप्पा के स्वागत में गजब का उत्साह है। भक्त और कारीगर भगवान गणेश की मूर्तियों को लेकर नए-नए प्रयोग करते हैं, लेकिन इस बार पुणे की एक बेहद अनोखी मूर्ति ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पुणे के मशहूर एफसी रोड पर स्थित ‘गणेश भेल’ के संचालकों ने इस बार श्रद्धा और रचनात्मकता का ऐसा मेल दिखाया है जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।
उन्होंने लगभग 21,000 पानी पूरियों का उपयोग करके भगवान गणेश की 13 फुट ऊंची भव्य मूर्ति तैयार की है।
इस अनोखी कलाकृति को रूपेश और दिनेश गुडमेवर ने लगभग दो महीने की कड़ी मेहनत के बाद बनाया है। पानी पूरी बेहद नाजुक होती है, इसलिए मूर्ति को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने और त्योहार के दौरान इसे सुरक्षित रखने के लिए कारीगरों को चौबीसों घंटे निगरानी में तैनात किया गया है। सबसे खास बात यह है कि उत्सव खत्म होने के बाद इन पूरियों को पानी में विसर्जित नहीं किया जाएगा। खाद्य पदार्थों से जलीय प्रदूषण न हो और सामग्री व्यर्थ न जाए, इसके लिए 21,000 पूरियों को प्रोसेस करके ऑर्गेनिक खाद्य में बदल दिया जाएगा। पर्यावरण के प्रति यह सोच इस प्रयास को और भी खास बनाती है।