कोरबा में जंगली हाथी के हमले में ग्रामीण की मृत्यु

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 22 Sep 2025 07:31 PM
कोरबा में जंगली हाथी के हमले में ग्रामीण की मृत्यु
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कोरबा. छत्तीसग­ढ़ के कोरबा जिले में जंगली हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मृत्यु हो गई है. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि जिले के कटघोरा वनमंडल के अंतर्गत पसान वन परिक्षेत्र में रविवार शाम जंगली हाथी के हमले में तनेरा गांव निवासी धन सिंह पोर्ते (50) की मृत्यु हो गई.

पसान वन परिक्षेत्र के अधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि तनेरा गांव निवासी पोर्ते जंगल गया हुआ था, उस दौरान उसका सामना एक दंतैल हाथी से हो गया. अधिकारी ने बताया कि पोर्ते हाथी को देखकर भागने का प्रयास किया लेकिन हाथी ने उसे सूंड से उठाकर पटक दिया और पैरों तले कुचल दिया. इस घटना में पोर्ते की मौके पर ही मौत हो गई.

सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस अधिकारियों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया तथा शव को बरामद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. अधिकारी ने बताया कि मृतक के परिजनों को तत्काल सहायता राशि 25 हजार रुपये दे दी गई है. शेष 5.75 लाख रुपये शासन के नियमानुसार सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद दे दी जाएगी.

सिंह ने बताया कि क्षेत्र में लगभग 57 हाथी विचरण कर रहे हैं, जिसे देखते हुए ग्रामीणों को जंगल की ओर जाने के लिए मना किया गया है. राज्य के उत्तरी भाग में मानव-हाथी संघर्ष पिछले एक दशक से चिंता का एक प्रमुख कारण रहा है, जबकि पिछले कुछ वर्षों में यह खतरा मध्य क्षेत्र के कुछ जिलों में भी फैल गया है. इस खतरे का सामना करने वाले जिले मुख्य रूप से सरगुजा, रायग­ढ़, कोरबा, सूरजपुर और बलरामपुर हैं.

झारखंड में जंगली हाथी ने आदिवासी व्यक्ति को कुचलकर मार डाला

गढ़वा. झारखंड के गढ़वा जिले में एक जंगली हाथी ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) परहैया से जुड़े 32 वर्षीय एक व्यक्ति को कुचलकर मार डाला. एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि यह घटना रविवार रात उस समय घटी, जब संबंधित व्यक्ति अन्य लोगों के साथ बाजार से घर लौटते समय बनजांग जंगल पार कर रहा था.

मेराल क्षेत्राधिकारी यशवंत नायक ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अचानक सात-आठ हाथियों का झुंड वहां आ गया, जिसे देख अन्य लोग भागने में सफल रहे, लेकिन बहेरवा गांव निवासी रमेश परहैया भाग नहीं सका और एक हाथी ने उसे कुचलकर मार डाला.
बनजांग रेंज के वन अधिकारी नीरज मेहता ने कहा कि हाथियों के पीछे लगने पर हमेशा ढलान की ओर भागने की सलाह दी जाती है, क्योंकि वहां हाथी अपने शरीर का संतुलन बनाए रखने में असफल रहते हैं और पीछा छोड़ देते हैं, लेकिन रमेश ने इसके ठीक विपरीत किया.

नायक ने बताया कि मृतक के परिवार के सदस्यों को अंतरिम राहत के रूप में एक लाख रुपये का भुगतान किया गया है और मुआवजे की शेष चार लाख रुपये की राशि जल्द ही दी जाएगी. उन्होंने कहा कि रमेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज दिया गया है.

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