अपराध और अपराधियों को ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने’ की नीति जारी रखेंगे: डीजीपी राजीव कृष्ण

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 02 Jun 2025 08:04 PM
अपराध और अपराधियों को ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने’ की नीति जारी रखेंगे: डीजीपी राजीव कृष्ण
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने सोमवार को सरकार की प्राथमिकता को विशेष महत्व देते हुए कहा कि अपराध और अपराधियों को ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने’ की नीति नए जोश के साथ जारी रखी जाएगी. राजीव कृष्ण ने कार्यभार संभालने के ठीक दो दिन बाद यहां अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध और साइबर अपराध को रोकने पर विशेष ध्यान है.

वर्ष 1991 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी राजीव कृष्ण ने शनिवार को उप्र पुलिस मुख्यालय में अपने पूर्ववर्ती प्रशांत कुमार से औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया. उन्होंने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर आभार जताया और भरोसा दिया कि वह राज्य सरकार की प्राथमिकताओं (अपराध और भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करना, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की उत्कृष्टता) को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में कृष्ण ने दुनिया के सबसे बड़े पुलिस बल का नेतृत्व करने के लिए उन पर भरोसा जताने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया. उन्होंने राज्य में पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक व्यापक 10 सूत्री एजेंडे पर जोर दिया.

कृष्ण ने कहा, “यह एक बड़ी जिम्मेदारी है और मैं उत्तर प्रदेश पुलिस को उत्कृष्टता की अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हूं.” उन्होंने कहा कि पुलिस अपराधियों, विशेषकर संगठित आपराधिक गिरोहों के विरुद्ध कठोर रुख अपनाएगी. उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित माहौल बनाना है.” महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने की तत्काल आवश्यकता को स्वीकार करते हुए कृष्णा ने कहा कि रोकथाम और निवारण, दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

उन्होंने कहा, ”हमारी पहल महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी सुरक्षा की भावना को मजबूत करने पर केंद्रित होगी.” कृष्णा ने रेखांकित किया कि सार्वजनिक शिकायतों का संवेदनशील तरीके से निपटारा करना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. उन्होंने कहा, “हम सुनिश्चित करेंगे कि हर आवाज सुनी जाए और हर शिकायत का सहानुभूतिपूर्वक और तेजी से समाधान किया जाए.” कानून- व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए डीजीपी ने चेतावनी दी कि किसी भी व्यवधान से सख्ती से निपटा जाएगा. उन्होंने साइबर अपराध को एक बढ़ती चुनौती के रूप में भी चिह्नित किया खासकर कोविड-19 के बाद के समय में.

उन्होंने कहा, “हमने अपने साइबर बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है और विभिन्न उन्नत तकनीक का उपयोग करके इसे और आधुनिक बनाएंगे.” राजीव कृष्ण ने कहा, ”हम पुलिस कल्याण को प्राथमिकता देंगे ताकि हमारे पुलिसकर्मी उत्साही और प्रभावी बने रहें.” प्रौद्योगिकी के महत्व पर जोर देते हुए कृष्णा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता पुलिस की दक्षता और डेटा-संचालित निर्णय लेने के लिहाज से बाजी पलटने वाली साबित होगी. उन्होंने अधिकारियों को उभरती चुनौतियों के अनुकूल रहने के लिए निरंतर प्रशिक्षण पर भी जोर दिया.

आईआईटी रुड़की के पूर्व छात्र राजीव कृष्ण के पास ‘इलेक्ट्रॉनिक्स’ इंजीनियरिंग की डिग्री है. वर्ष 1991 में भारतीय पुलिस सेवा में आने के बाद से उन्होंने उत्तर प्रदेश में कई प्रमुख पदों पर कार्य किया, जिनमें एसपी फिरोजाबाद, एसएसपी नोएडा, एसएसपी आगरा, एसएसपी लखनऊ और आईजी मेरठ के पद शामिल हैं.

वह 2007 में उप्र पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के संस्थापक प्रमुख थे, और देश भर में बम विस्फोटों में शामिल इंडियन मुजाहिदीन के गुर्गों को बेअसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. लखनऊ क्षेत्र और आगरा क्षेत्र के एडीजी के रूप में अपने पिछले कार्यकाल में उन्होंने 19 जिलों में पुलिस व्यवस्था की देखरेख की. हाल ही में वह निदेशक सतर्कता और उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे, जहां उन्होंने 60,244 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया की देखरेख की. वह अन्­य कई महत्वपूर्ण पदों पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

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