नयी दिल्ली/जयपुर. कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ ”शर्मनाक” बयान दिया जाना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विकृत मानसिकता को दर्शाता है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस मंत्री की बर्खास्तगी सुनिश्चित क्यों नहीं की? भाजपा नेता और मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को कथित तौर पर ‘आतंकवादियों की बहन’ करार दिया था.
विजय शाह की इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद जब आलोचना होने लगी, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि इसे अलग संदर्भ में ना देखा जाए, क्योंकि ‘हमारी बहनों’ ने बहुत ताकत से सेना के साथ मिलकर पहलगाम हमले का बदला लिया है.
कर्नल सोफिया कुरैशी पहलगाम में 22 अप्रैल को किए गए आतंकी हमले के जवाब में भारत सरकार द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर देश के पक्ष को मीडिया के माध्यम से दुनिया के सामने रखने वाली टीम का हिस्सा रहीं.
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के उस मंत्री को अभी तक बर्खास्त क्यों नहीं किया, जिसने कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ बेहद शर्मनाक और पूरी तरह से अस्वीकार्य बयान दिया?” उन्होंने कहा कि केवल राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा इन टिप्पणियों की निंदा कर देना पर्याप्त नहीं है. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इस मंत्री का बयान भाजपा की विकृत मानसिकता को दर्शाता है.
सोफिया कुरैशी पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले मप्र के मंत्री को हटाया जाए: पायलट
कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के संदर्भ में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की ”अपमानजनक” टिप्पणी की निंदा की है. पायलट ने बुधवार को यहां कहा कि सैन्य अधिकारी के प्रति इस तरह का अनादर पूरी तरह से अस्वीकार्य है.
उन्होंने मंत्री शाह को तत्काल मंत्रिमंडल से हटाने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आलाकमान द्वारा माफी मांगे जाने की भी मांग की. पायलट ने कहा, “मध्य प्रदेश के मंत्री का कल जो बयान आया, वह बहुत ही आपत्तिजनक था. मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री को उन्हें अपने मंत्रिमंडल से निकाल देना चाहिए और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को माफी मांगनी चाहिए.” उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां भारतीय सशस्त्र बलों की गरिमा को धूमिल करती हैं. उन्होंने सैनिकों के लिए सम्मान के उच्चतम मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया.