नयी दिल्ली. कांग्रेस ने नयी सरकार के शपथग्रहण समारोह से पहले रविवार को पूछा कि क्या भारत के नये वित्त मंत्री “अरबपति कर” के वैश्विक प्रयास का समर्थन करेंगे और प्रधानमंत्री आम लोगों या अरबपतियों में से किसके साथ खड़े होंगे. मनोनीत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को अपनी मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भाजपा-नीत सरकार पर कटाक्ष करते हुए ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “इस साल, ‘एक तिहाई’ प्रधानमंत्री के पास यह दिखाने का मौका है कि वह आम लोगों के साथ खड़े हैं, या अरबपतियों के साथ. ब्राजील में जी20 में, ब्राजील, फ्रांस, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका और जर्मनी के वित्त मंत्रियों द्वारा सर्मिथत अरबपतियों पर वैश्विक न्यूनतम कर लगाने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी. क्या भारत के अगले वित्त मंत्री ‘अरबपति कर’ के लिए वैश्विक प्रयास का समर्थन करेंगे.” रमेश ने दावा किया कि दुनिया भर में, अरबपति कानूनी खामियों, विदेश स्थित संपत्ति, मुखौटा कंपनियों या अन्य योजनाओं के माध्यम से कामकाजी लोगों की तुलना में कम कर का भुगतान करने में कामयाब रहते हैं.
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि धनी लोग अपना उचित हिस्सा अदा करें, नवंबर 2024 में ब्राजील की अध्यक्षता में जी20 में अरबपतियों पर वैश्विक न्यूनतम कर लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी. कांग्रेस नेता ने कहा कि इस तरह के कर से हर साल वैश्विक स्तर पर “21 लाख करोड़” जुटाए जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, आवास और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण धन उपलब्ध होगा.
रमेश ने कहा, ”इस बात पर भी गौर करें कि ब्राजील ने बिना किसी नाटक के जी-20 की अध्यक्षता संभाली है और इसका इस्तेमाल किसी दार्शनिक बकवास के लिए नहीं, बल्कि सार्थक नीति को आगे बढ.ाने के लिए किया है.” कांग्रेस नेता ने अपने पोस्ट में कहा, “इसके विपरीत, ‘फोटो-जीवी’ नरेन्द्र मोदी ने जी20 की अध्यक्षता को किसी प्रकार की विदेश-नीति की उपलब्धि के रूप में चित्रित करने के लिए पूरे अध्यक्षता काल में भारत के हर होर्डिंग, स्कूल और पेट्रोल पंप पर अपना चेहरा चस्पा करने में बिताया. भारत की बारी पहले से तय थी और यह अपरिहार्य थी.”