
नयी दिल्ली. गुगल ने शुक्रवार को कहा कि वह गैर-प्रतिस्पर्धी गतिविधियों के लिये 1,338 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाये जाने के भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश की समीक्षा करेगी. कंपनी ने सीसीआई के फैसले को भारतीय ग्राहकों के लिये एक बड़ा झटका बताया.
सीसीआई के आदेश के बाद अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया में गूगल ने कहा कि एंड्रायड ने सभी के लिए अधिक विकल्प बनाए हैं और यह ऐप भारत तथा दुनिया भर में हजारों सफल व्यवसायों का समर्थन करता है. गूगल के प्रवक्ता ने एक ईमेल बयान में कहा, ”सीसीआई का फैसला भारतीय उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए एक बड़ा झटका है, जिससे एंड्रायड की सुरक्षा सुविधाओं पर भरोसा करने वाले भारतीयों के लिए एक गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा होगा और भारतीयों के लिए मोबाइल उपकरणों की लागत बढ़ेगी.” गूगल ने कहा, ”वह अगले कदम का मूल्यांकन करने के लिए इस फैसले की समीक्षा करेगा.”
सीसीआई ने गूगल पर 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण क्षेत्र में कई बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग करने को लेकर यह कार्रवाई की गई. इसके अलावा, सीसीआई ने गूगल को अनुचित कारोबारी गतिविधियों को बंद करने का निर्देश भी दिया है. आयोग ने बृहस्पतिवार को जारी विज्ञप्ति में कहा कि गूगल को एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने कामकाज के तरीके को संशोधित करने का निर्देश भी दिया गया है.
सीसीआई ने अप्रैल 2019 में देश में एंड्रॉयड आधारित स्मार्टफोन के उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया था. एंड्रॉयड दरअसल स्मार्टफोन और टैबलेट के मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) द्वारा स्थापित एक ओपन-सोर्स, मोबाइल आॅपरेंिटग प्रणाली है. अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं के आरोप मोबाइल एप्लिकेशन डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट (एमएडीए) और एंटी फ्रैगमेंटेशन एग्रीमेंट (एएफए) जैसे दो समझौतों से संबंधित हैं.



