
नयी दिल्ली. भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने कहा कि वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और बैंकों के उन पर बकाया कर्ज से दो गुना से अधिक कर्ज वसूलने के लिए राहत की मांग करेंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संसद में, कुर्क संपत्तियों से 14,130 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली किए जाने की जानकारी देने के बाद माल्या ने यह टिप्पणी की है.
माल्या ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ” ऋण वसूली अधिकरण ने केएफए (किंगफिशर एयरलाइंस) का ऋण 1200 करोड़ रुपये ब्याज सहित 6203 करोड़ रुपये आंका है.” उन्होंने लिखा, ” वित्त मंत्री ने संसद में घोषणा की कि ईडी के जरिये बैंकों ने मुझसे 6203 करोड़ रुपये के ऋण के विरुद्ध 14,131.6 करोड़ रुपये वसूल लिए हैं और मैं अब भी एक आर्थिक अपराधी हूं.” माल्या ने कहा, ” जब तक ईडी और बैंक कानूनी रूप से यह साबित नहीं कर देते कि उन्होंने दोगुना से अधिक कर्ज कैसे ले लिया, मैं राहत पाने का हकदार हूं और मैं इसके लिए प्रयास करूंगा.”
सीतारमण ने वर्ष 2024-25 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों पर मंगलवार को लोकसभा में चर्चा के दौरान कहा था कि भगोड़े विजय माल्या की 14,131.6 करोड़ रुपये की संपत्ति सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को वापस कर दी गई है. मार्च 2016 में ब्रिटेन भाग गए माल्या कई बैंकों द्वारा अब बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस (केएफए) को दिए गए 9,000 करोड़ रुपये के ऋण की अदायगी में चूक के मामले में भारत में वांछित हैं.
माल्या ने लिखा, ” केएफए ऋणों के गारंटर के रूप में मैंने अपनी देनदारियों के बारे में जो कुछ भी कहा है, वह कानूनी रूप से सत्यापन योग्य है. फिर भी मुझसे न्याय ऋण के अतिरिक्त 8000 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई है.” उन्होंने दावा किया कि उन्हें किसी से समर्थन नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा, ” क्या कोई भी, यहां तक ??कि जो लोग मुझे खुलेआम गाली देते हैं, इस घोर अन्याय पर सवाल उठाएंगे?…..”
माल्या ने लिखा, ” सरकार और मेरे कई आलोचक कहते हैं कि मुझे केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के आपराधिक मामलों का जवाब देना है. सीबीआई ने कौन से आपराधिक मामले दर्ज किए हैं? ” कभी एक भी रुपया उधार न लेने और कोई चोरी नहीं करने का दावा करते हुए माल्या ने कहा, ” …लेकिन केएफए ऋण के गारंटर के रूप में मुझ पर सीबीआई ने आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों सहित कई अन्य लोगों के साथ मिलकर धोखाधड़ी से आईडीबीआई बैंक से 900 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त करने का आरोप लगाया है, जिसे उनकी ऋण समिति और निदेशक मंडल द्वारा विधिवत अनुमोदित किया गया था. पूरा ऋण और ब्याज चुकाया गया. नौ साल बाद धोखाधड़ी और धन के दुरुपयोग का कोई निर्णायक सबूत क्यों नहीं है?” भारत, ब्रिटेन से माल्या के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है.
माल्या ने पहले भी ” सार्वजनिक धन” का 100 प्रतिशत चुकाने की पेशकश की थी, लेकिन आरोप लगाया कि बैंकों और सरकार ने उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है.



