विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए पैतृक घर ले जाया गया

कमल हासन, सोनू सूद और अदनान सामी ने विंग कमांडर नमांश स्याल को श्रद्धांजलि दी

कोयंबटूर/नयी दिल्ली/शिमला. विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर रविवार को हिमाचल प्रदेश स्थित उनके पैतृक घर ले जाया गया. इससे पहले पार्थिव शरीर को कुछ समय के लिए कोयंबटूर के निकट वायुसेना बेस में रखा गया. स्याल की शुक्रवार (21 नवंबर) को दुबई एयर शो में एक हवाई प्रदर्शन के दौरान स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण मृत्यु हो गई थी. रविवार को पार्थिव शरीर को तमिलनाडु के सुलूर वायुसेना बेस लाया गया और इस दौरान पूरा सैन्य सम्मान दिया गया.

भारतीय वायुसेना ने रविवार को एक बयान में कहा, ”भारतीय वायुसेना विंग कमांडर नमांश स्याल के पार्थिव शरीर को सम्मानजनक तरीके से यहां लाया गया. उनकी दुबई एयर शो 2025 में हवाई प्रदर्शन के दौरान एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी.” भारतीय वायुसेना ने बयान में कहा कि स्याल के पार्थिव शरीर को वायुसेना के दक्षिणी वायु कमान ले जाने के लिए भारतीय वायुसेना के सी-130 विमान का उपयोग किया गया. वायुसेना ने कहा कि पार्थिव शरीर को यहां लाने के बाद पूरा सैन्य सम्मान दिया गया.

सूत्रों ने बताया, ”विंग कमांडर नमांश स्याल के पार्थिव शरीर पर कोयंबटूर के जिलाधिकारी पवन कुमार जी गिरियप्पानवर ने आज सुबह वायुसेना स्टेशन पर पुष्पचक्र अर्पित किया.” बाद में, दिन में वायुसेना ने कहा कि विंग कमांडर नमांश स्याल के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए हिमाचल प्रदेश में उनके पैतृक घर ले जाया गया.

उसने कहा, ”सुलूर में एक कार्यक्रम के बाद, पार्थिव शरीर को अब पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के लिए हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में परिवार के पैतृक घर ले जाया गया है. दक्षिणी वायु कमान के सभी कर्मचारी दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े हैं.” सुलूर वायुसेना स्टेशन, कोयंबटूर के पास भारतीय वायुसेना का एक एयर बेस है. इसका संचालन दक्षिणी वायु कमान द्वारा किया जाता है.

कमल हासन, सोनू सूद और अदनान सामी ने विंग कमांडर नमांश स्याल को श्रद्धांजलि दी

अभिनेता कमल हासन, सोनू सूद और गायक अदनान सामी ने दुबई एयर शो के दौरान तेजस विमान उड़ाते समय हुई दुर्घटना में विंग कमांडर नमांश स्याल के निधन पर दुख जताया है. हिमाचल प्रदेश के रहने वाले स्याल की शुक्रवार को दुबई एयर शो में हवाई प्रदर्शन के दौरान स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस के दुर्घटनाग्रस्त होने से मौत हो गई.

हासन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ”विंग कमांडर नमांश स्याल के निधन के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ, जिन्होंने हमारी वायुसेना की शान तेजस विमान को उड़ाते समय जान गंवा दी.” उन्होंने लिखा, ”भारत का एक बहादुर बेटा बहुत जल्दी चला गया. उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. दुख की इस घड़ी में भारत आपके साथ है.” सूद ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”भारत विंग कमांडर नमांश स्याल के निधन का शोक मना रहा है, जो तेजस विमान के एक बहादुर पायलट थे. उन्होंने वह काम करते हुए अपनी जान गंवा दी जिससे उन्हें प्यार था. वह काम था अपने देश के लिए उड़ान भरना. उनकी हिम्मत और कुर्बानी हमेशा हमारे दिलों में कायम रहेगी. एक सच्चे हीरो को सलाम. जय हिंद.”

सामी ने भी दिवंगत कमांडर को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ”विंग कमांडर नमांश स्याल के दुखद निधन के बारे में जानकर बहुत दुखी हूं… भगवान उनकी आत्मा को शांति दे.” स्याल के परिवार में उनके पिता, माता, पत्नी और उनकी छह साल की बेटी हैं. स्याल की पत्नी भी वायुसेना में सेवाएं दे रही हैं.

विंग कमांडर नमांश स्याल का अंतिम संस्कार, फूट-फूटकर रोते हुए पत्नी ने दी सलामी
दुबई एयर शो के दौरान तेजस विमान हादसे में जान गंवाने वाले विंग कमांडर नमांश स्याल का रविवार को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान, भारतीय वायुसेना में अधिकारी उनकी पत्नी विंग कमांडर अफशां बहुत भावुक दिखीं और छह-वर्षीय बेटी मां से लिपटी रही.

विंग कमांडर के चचेरे भाई ने श्मशान में स्याल के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी, जबकि भारतीय वायुसेना के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, नेता और स्थानीय निवासी उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए उपस्थित रहे. स्थानीय निवासियों के लिए नमांश एक उत्कृष्ट खिलाड़ी और देशभक्त थे. स्याल की 21 नवंबर को एयर शो के दौरान लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एसएसी) तेजस को उड़ाते समय हुई दुर्घटना में मौत हो गई थी. उनके पार्थव शरीर को रविवार को तमिलनाडु के सुलुर एयर फोर्स बेस लाया गया, जहां उन्हें पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई.

बाद में, शव को हिमाचल प्रदेश के गग्गल हवाई अड्डे पर लाया गया और फिर सेना के एक ट्रक में फूलों से सजाकर उनके पैतृक गांव पटियालकर ले जाया गया. इस दौरान सशस्त्र बलों और प्रशासनिक वाहनों का काफिला ट्रक के पीछे चल रहा था. रास्ते में सैकड़ों लोग कतार में खड़े हुए थे और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, नम्मू (नमांश) तेरा नाम रहेगा’ जैसे नारे लगाए जा रहे थे.
जब काफिला गांव पहुंचा तो स्याल के माता-पिता, वर्दी पहनीं उनकी पत्नी अफशां स्याल और छह वर्षीय बेटी गाड़ी से उतरे, जिनके चेहरों पर स्याल के निधन का शोक साफ नजर आ रहा था.

स्याल के पिता जगन्नाथ स्याल ने कहा, ह्लनमांश की मृत्यु देश और मेरे लिए एक बड़ा नुकसान है.ह्व उन्होंने बताया कि देश में केवल चार एरोबैटिक पायलट हैं और नमांश उनमें से एक थे. नमांश और अफशां की पहली मुलाकात पठानकोट में उनकी पहली पोस्टिंग के दौरान हुई थी और बाद में 2014 में उनकी शादी हुई. हिमाचल प्रदेश के खेल मंत्री अनिल गोमा, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर.एस. बाली, भाजपा नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार, वायुसेना और सेना के अधिकारी, उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक अंतिम संस्कार में उपस्थित थे.

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