बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आगामी दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। विश्वविद्यालय ने किसानों से फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने और कृषि कार्यों में मौसम के अनुरूप बदलाव करने की अपील की है।
चक्रवाती तूफान के मद्देनजर किसान कल्याण मंत्री राम विचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने किसान के हित में आवश्यक सहयोग के लिए विभाग अधिकारी कर्मचारी सहित मैदानी अमले को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र अगले कुछ घंटों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस दौरान हवा की गति 115 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 25 अक्टूबर से वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 25 अक्टूबर को बस्तर संभाग के बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा तथा अन्य जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। इसके अलावा रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग और राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है।