ओडिशा की प्रमुख खबरों पर एक नजर :
ओडिशा में चक्रवात अर्णव और बाढ़ के बीच 399 बच्चों का हुआ जन्म
भुवनेश्वर। चक्रवात अर्णव और उसके बाद आई बाढ़ से ओडिशा के दक्षिणी जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, वहीं राज्य में 399 बच्चों का जन्म हुआ है। राज्य के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश प्रभाकर पाटिल ने रविवार को बताया कि इस प्राकृतिक आपदा से अब तक कुल 1,18,730 लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें गंजाम और कंधमाल जिले सर्वाधिक प्रभावित हैं। कंधमाल जिले में तीन लोगों की मौत दर्ज की गई है। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए 75,855 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और उनके लिए 396 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान देते हुए 807 महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया, जिनमें से 399 ने बच्चों को जन्म दिया है। आपदा के कारण 75,388 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है, जबकि 1,672 मकानों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित जिलों में सामान्य जनजीवन बहाल करने के लिए राहत और पुनर्बहाली कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।
गंजाम में 3 नवंबर तक स्कूल-कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
भुवनेश्वर। चक्रवात अर्णव से पड़े प्रभाव तथा दूसरे चक्रवात मुरासु से गंजाम जिले में संभावित भारी बारिश और असर से विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को 3 नवंबर 2026 तक बंद रखने का निर्णय लिया है। इस आदेश के तहत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल, डिग्री कॉलेज, तकनीकी संस्थान और विश्वविद्यालय बंद रहेंगे। हालांकि, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को अपने-अपने संस्थानों में निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करना होगा। प्रशासन ने यह कदम खराब मौसम की आशंका और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया है।
इसके साथ ही गंजाम जिले में बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने, प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का समय पर आकलन करने और बहाली कार्यों में जिला प्रशासन की सहायता के लिए कृषि विभाग ने 145 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तैनात किया है।
जानकारी के अनुसार, तैनात कर्मियों में 6 ब्लॉक कृषि अधिकारी एवं सहायक कृषि अधिकारी, 55 कृषि निरीक्षक, 30 ग्राम कृषि कार्यकर्ता (वीएडब्ल्यू), 35 उद्यान निरीक्षक और 19 उद्यान विस्तार कार्यकर्ता शामिल हैं। ये सभी अधिकारी-कर्मचारी प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर बाढ़ से कृषि एवं बागवानी को हुए नुकसान की जानकारी जुटाने, राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों में सहयोग करने और प्रभावित किसानों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने में योगदान देंगे।
गिड़िपावली में भूस्खलन के मलबे से एक शव बरामद
ब्रह्मपुर। चक्रवात अर्णव के कारण हुई मूसलाधार बारिश ने दक्षिण ओडिशा के गंजाम जिले के गिड़िपावली गांव में ऐसी तबाही मचाई है कि पूरा गांव लगभग मिट्टी, विशाल चट्टानों और उखड़े हुए पेड़ों के नीचे दब गया है। 28 अक्टूबर की रात करीब तीन बजे हुए भीषण भूस्खलन के बाद से लापता लोगों की तलाश जारी है।
अब तक मलबे से एक शव बरामद किया गया है, जबकि 12 लोग अभी भी लापता हैं। बचाव दलों ने ग्रामीणों की पहचान के आधार पर रवि मल्लिक का शव खोज लिया है, लेकिन वह एक विशाल चट्टान के नीचे फंसा हुआ है। भारी पत्थर के कारण शव को बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
इस बीच कंधमाल जिलाधिकारी वेदभूषण ने बताया कि लापता लोगों का पता लगाने के लिए विशेष तकनीकी दल और लाइफ डिटेक्टर उपकरण मंगाए गए हैं, ताकि मलबे के नीचे किसी के जीवित होने के संकेतों का पता लगाया जा सके।
नौ परिवारों के 12 सदस्य लापता
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, नौ परिवारों के कुल 26 लोगों में से 12 लोग अब भी लापता हैं। इनमें से दो घायल महिलाएं समिता मल्लिक और मानिमा प्रधान का जी. उदयगिरि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार चल रहा है। अन्य 11 ग्रामीण शुक्रवार दोपहर से कटिंगिया पंचायत के किलापंगा प्राथमिक विद्यालय में बनाए गए अस्थायी आश्रय स्थल में रह रहे थे। उनकी जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने बचाव अभियान तेज किया। शुक्रवार शाम को भी अभियान चलाया गया, लेकिन विशेष सफलता नहीं मिली। रात में अधिकारी गांव की ओर बढ़े, मगर अंधेरा और दुर्गम रास्ता बाधा बन गया। गांव तक पहुंचने के लिए पहाड़ी से लगभग एक हजार फीट नीचे उतरना पड़ता है। भंजनगर के उपजिलाधिकारी उमाशंकर बेहरा और विधायक प्रद्युम्न कुमार नायक ने शनिवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर बचाव कार्यों की समीक्षा की तथा अधिकारियों से लापता लोगों को जल्द खोजने के लिए चर्चा की।
हीट एंड रन, दो लोगों की मौत, एक की हालत गंभीर
भुवनेश्वर। राजधानी भुवनेश्वर के सीआरपी चौक के पास रविवार को तेज रफ्तार बस ने भीषण हादसा कर दिया। बस ने पहले एक कार को जोरदार टक्कर मारी और इसके बाद सड़क किनारे पैदल चल रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दुर्घटना में एक महिला और एक पुरुष की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों की मदद से घायल व्यक्ति को तत्काल बचाकर उपचार के लिए कैपिटल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, बस चालक कथित तौर पर लापरवाही और तेज गति से वाहन चला रहा था। कार को टक्कर मारने के बाद बस राहगीरों पर चढ़ गई। आरोप है कि दुर्घटना के बाद चालक बस लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।