कुंभ कल्प मेला के नाम से अब देश में होगी राजिम माघी पुन्नी मेला की पहचान…

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Wed, 21 Feb 2024 04:35 PM
कुंभ कल्प मेला के नाम से अब देश में होगी राजिम माघी पुन्नी मेला की पहचान…
ऑडियो सुनें

रायपुर: राजिम में हर साल आयोजित होने वाला माघी पुन्नी मेला अब ‘कुंभ कल्प मेला’ के नाम से जाना जाएगा. विपक्ष की मांग पर संशोधन विधेयक पर फैसला मतदान के जरिए हुआ, जिसमें संशोधन विधेयक के पक्ष में 43 तो विपक्ष में 30 वोट पड़े संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने सदन में संशोधन विधेयक पेश किया. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने विधेयक के पक्ष में अपनी बात रखते हुए कहा कि पिछली सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और इतिहास से छेड़छाड़ की. अजय चंद्राकर के बयान पर पक्ष और विपक्ष के बीच नोक-झोंक शुरू हो गई.

विपक्षी सदस्यों ने राजिम माघी पुन्नी मेले का नाम बदलने पर आपत्ति जताई. अटल श्रीवास्तव ने कहा कि हमारी संस्कृति को मिटाने की कोशिश न करें. इस पर अजय चंद्राकर ने कहा कि सिर्फ नाम में ही संशोधन हो रहा है, लेकिन इसी से राजिम का गौरव जुड़ा है. चर्चा के दौरान अटल श्रीवास्तव और सुशांत शुक्ला के बीच तीखी बहस हुई.

विधेयक पर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राजिम में कुंभ का स्वरूप मिलने के बाद लाखों लोग आने लगे हैं. पूरे प्रदेश में 5 हजार स्थानों पर माघी पुन्नी मेला होता है. कुंभ देश में सिर्फ चार स्थानों पर होता है. छत्तीसगढ़ की संस्कृति को आगे बढ़ाने कुंभ का नाम दिया. वेद पुराणों में महानदी को चित्रोत्पला कहा गया है.

मंत्री ने कहा कि राजिम का धार्मिक महत्व है, यहां लोग अस्थि विसर्जन करते हैं. हम इस विधेयक के माध्यम से प्रदेश की संस्कृति को बढ़ा रहे हैं. माघी पुन्नी मेले के स्थान पर कुंभ कल्प मेला नाम दिया जा रहा है. संशोधन विधेयक पर विपक्ष ने मत विभाजन की मांग की, जिस पर पक्ष में 43 तो वहीं विपक्ष में महज 30 वोट पड़ने के साथ विधेयक पारित हुआ.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Nandkishoryadav