कोटा. ”पापा, मेरे से जेईई नहीं हो पाएगा. क्षमा करियेगा, मैं जा रहा हूं.”….यह अंतिम शब्द कोटा में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले उस 16 वर्षीय किशोर के हैं जो उसने संभवत: जहर खाकर आत्महत्या करने से पहले पहले अपने पिता से कहे थे. पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.
पुलिस उपाधीक्षक धर्मवीर सिंह ने कहा कि बिहार के भागलपुर के रहने वाले अभिषेक मंडल का शव शुक्रवार की सुबह यहां विज्ञान नगर इलाके में स्थित एक पेइंग गेस्ट आवास से बरामद किया गया. ऐसा संदेह है कि बृहस्पतिवार की देर रात उसकी मृत्यु हो गई. उन्होंने बताया कि पुलिस की टीम को घटनास्थल से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ, जिसमें मृतक ने अपने पिता से जेईई (संयुक्त प्रवेश परीक्षा) पास न करने के बारे में असमर्थता जताई है.
अधिकारी ने कहा कि सुसाइड नोट में लिखा हुआ था, ”पापा, मेरे से जेईई नहीं हो पाएग. क्षमा करिएगा, मैं जा रहा हूं.” पुलिस उपाधीक्षक ने कहा कि यह मामला तब सामने आया जब उसके पिता द्वारा उसे बार-बार फोन कॉल किये जाने पर कोई जवाब नहीं मिला और उन्होंने पेइंग गेस्ट का रखरखाव करने वाले व्यक्ति को अपने बच्चे की खोज खबर लेने को कहा.
शुक्रवार की सुबह जब उस व्यक्ति ने मंडल के कमरे की खिड़की से भीतर झांककर देखा तो किशोर बेहोश पड़ा था. उन्होंने बताया कि इसके बाद अभिषेक को अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. सिंह ने कहा कि ऐसी आशंका है कि मंडल की मौत जहरीला पदार्थ सल्फॉस खाने से हुई . उन्होंने बताया कि इस दवा की शीशी उसके कमरे से बरामद की गयी.
पुलिस उपाधीक्षक ने कहा कि जिस कोचिंग संस्थान में मंडल एक साल से पढ. रहा था उसके रिकॉर्ड के अनुसार अभिषेक को 29 जनवरी को जेईई सत्र-1 की परीक्षा देनी थी, लेकिन उसने परीक्षा नहीं दी थी. उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को शवगृह में रखवा दिया है और बिहार से उसके माता-पिता के आने के बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा. कोटा में जनवरी से अब तक किसी कोचिंग छात्र द्वारा आत्महत्या करने का यह पांचवां मामला है. साल 2023 में कोटा में 26 छात्रों ने आत्महत्या की थी.