रायगंज. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2016 की शिक्षक भर्ती परीक्षा के माध्यम से की गईं सभी नियुक्तियों को रद्द करने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश को सोमवार को ”अवैध” करार दिया और कहा कि उनकी सरकार फैसले को चुनौती देगी.
बनर्जी ने उत्तर बंगाल के रायगंज में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं पर कुछ न्यायिक निर्णयों को प्रभावित करने का भी आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, ”सभी नियुक्तियों को रद्द करने का अदालत का फैसला अवैध है. हम उन लोगों के साथ खड़े हैं जिनकी नौकरियां चली गई हैं. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आपको न्याय मिले और आदेश को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे.” कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में राज्यस्तरीय चयन परीक्षा-2016 (एसएलएसटी) की भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से की गईं सभी नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया.
बाद में, करणदिघी में एक अन्य रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा, “सभी फैसलों को स्वीकार करना अनिवार्य नहीं है. हम आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देंगे. यह आदेश चुनाव के बीच भाजपा के निर्देशों के अनुसार पारित किया गया है.” भाजपा पर न्यायिक प्रणाली में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए बनर्जी ने कहा, “इसने अदालतों को अपने विस्तारित पार्टी कार्यालयों में बदल दिया है. यदि भाजपा कोई जनहित याचिका दायर करती है तो त्वरित कार्रवाई की जाती है और लोगों को जेल भेज दिया जाता है. जब अन्य लोग याचिका दायर करते हैं तो कोई कार्रवाई नहीं की जाती.” कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय के इस्तीफा देने के बाद भाजपा में शामिल होने के स्पष्ट संदर्भ में बनर्जी ने कहा, “संबंध स्पष्ट है और सभी को दिखाई दे रहा है.”
उन्होंने आरोप लगाया, ”भाजपा से जुड़े लोगों को महत्वपूर्ण पद दिए जा रहे हैं… और भाजपा अपने पार्टी कार्यालयों से जो भी सुझाव भेजती है उसे निर्णय के रूप में पारित किया जा रहा है.” उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) को नयी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का भी निर्देश दिया. एसएलएसटी-2016 में 24,640 रिक्त पदों के लिए 23 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे. कुछ याचिकाकर्ताओं के वकील फिरदौस शमीम ने कहा कि कुल 25,753 नियुक्ति पत्र जारी किए गए. बनर्जी ने कहा कि वह लोगों के अधिकारों के लिए लड़ना जारी रखेंगी.
उन्होंने कहा, “मैं अपने खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर चिंतित नहीं हूं. अगर वे मुझे दंडित करना चाहते हैं, मानहानि का मामला दर्ज करना चाहते हैं या मुझे जेल भेजना चाहते हैं, तो मैं तैयार हूं. लेकिन, लोगों के अधिकारों के लिए लड़ते हुए मैं अपना सिर नहीं झुकाऊंगी.” बनर्जी ने कहा, “शिक्षकों को चिंता नहीं करनी चाहिए. मैं हर सुख-दुख में आपके साथ हूं. हमारी सरकार के पास 10 लाख नौकरियां और तैयार हैं.”