कार हादसे में संलिप्त किशोर को निबंध लिखने के बाद मिली जमानत, पुलिस चाहती वयस्क की तरह कार्रवाई

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 20 May 2024 10:22 PM
कार हादसे में संलिप्त किशोर को निबंध लिखने के बाद मिली जमानत, पुलिस चाहती वयस्क की तरह कार्रवाई
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पुणे. किशोर न्याय बोर्ड द्वारा कार हादसे में संलिप्त 17 वर्षीय किशोर को ‘300 शब्द’ का निबंध लिखने के आधार पर जमानत दिए जाने के एक दिन बाद पुलिस ने सोमवार को कहा कि वह सत्र न्यायालय का रुख करेगी और आरोपी पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाने का आग्रह करेगी. किशोर की संलिप्तता वाले हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि किशोर के पिता एवं रियल एस्टेट कारोबारी के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है.
पुलिस ने बताया कि 17 वर्षीय किशोर कथित रूप से पोर्से कार चला रहा था और रविवार तड़के लगभग सवा तीन बजे उसने कल्याणी नगर में मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को टक्कर मार दी थी जिससे उनकी मौत हो गई. पुलिस का दावा है कि किशोर ने घटना के समय शराब पी रखी थी.

किशोर को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया जहां से कुछ घंटे के बाद ही उसे जमानत मिल गई. बोर्ड ने उसे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) जाकर यातायात नियम पढ़ने और 15 दिन के भीतर उसके समक्ष प्रस्तुति देने का निर्देश दिया. आदेश में कहा गया, ”सीसीएल (कानून का उल्लंघन करने वाला बच्चा) सड़क हादसे और उसका समाधान विषय पर 300 शब्दों का निबंध लिखेगा.” बोर्ड ने किशोर को परामर्श के लिए मद्यपान निषेध केंद्र भेजने का भी निर्देश दिया. हालांकि, दो लोगों की मौत के मामले में तुरंत जमानत देने के फैसले की आलोचना भी हो रही है.

पुलिस के मुताबिक, किशोर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा-304 (गैर इरादतन हत्या) और मोटरवाहन अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. इसने बताया कि दोस्तों का एक समूह रविवार तड़के लगभग सवा तीन बजे मोटरसाइकिलों पर सवार होकर लौट रहा था कि तभी कल्याणी नगर चौराहे पर एक तेज रफ्तार पोर्से कार ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी. पुलिस ने कहा कि मोटरसाइकिल पर सवार अनीस अवधिया और अश्विनी कोस्टा की मौत हो गई जिनकी उम्र 24 साल थी और वे मध्य प्रदेश के निवासी थे तथा आईटी पेशेवर थे.

पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने कहा, ”रविवार को ही हमने अदालत (बोर्ड) के समक्ष आवेदन देकर किशोर के खिलाफ व्यस्क की तरह मामला चलाने की अनुमति मांगी और अपराध जघन्य होने की वजह से सुधार गृह भेजने का अनुरोध किया लेकिन हमारी अर्जी अस्वीकार कर दी गई. हम अब अपनी अर्जी सत्र अदालत के समक्ष रखेंगे.” उन्होंने कहा कि किशोर के खून के नमूनों की जांच रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है लेकिन शुरुआती जांच के मुताबिक उसने घटना के समय शराब पी रखी थी.

पुलिस आयुक्त कुमार ने कहा, ”बार में लगे सीसीटीवी से मिली तस्वीर में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि किशोर शराब पी रहा है. इस पर कोई संदेह नहीं है कि किशोर शराब पीने के बाद कार चला रहा था. हम इन तथ्यों को अदालत में रखेंगे.” उन्होंने कहा, ”हमने उसके पिता के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 और 77 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. हमने बार के मालिक के खिलाफ भी तय उम्र से कम उम्र के व्यक्ति को शराब परोसने का मामला दर्ज किया है. हमने मामले को अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया है.” कुमार ने कहा, ”मामले को एसीपी स्तर के अधिकारी को सौंपा गया है और हमारी कोशिश मुकदमे को पुख्ता बनाने की है. हम इस मामले में विशेष अधिवक्ता नियुक्त करेंगे.”

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