दरभंगा-पटना/नयी दिल्ली. विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की बिहार के दरभंगा जिले में स्थित उनके पैतृक आवास पर मंगलवार को कथित तौर पर चाकू गोद कर हत्या कर दी गई. पुलिस ने इसकी जानकारी दी. अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) जितेंद्र सिंह गंगवार ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, ”वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी (करीब 70) की अज्ञात अपराधियों ने चाकू गोद कर हत्या कर दी है, वारदात के समय घर में उनके अकेले होने की सूचना है.” उन्होंने बताया कि हत्या की इस वारदात को संभवत: सोमवार की रात को अंजाम दिया गया, जिसकी जानकारी पुलिस को सुबह छह बजे मिली. उन्होंने बताया कि ऐसी जानकारी है कि जीतन अपने घर में अकेले ही रह रहे थे.
गंगवार ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज और मोबाईल टावर का भी हमलोग अवलोकन कर रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है. अधिकारी ने बताया, ”उन्हें संदिग्ध स्थिति में वहां घूमते हुए पाया गया. हालांकि, मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान का खुलासा नहीं किया गया है.
गंगवार ने कहा, ”जांच में स्थानीय पुलिस की सहायता के लिए विशेष कार्यबल (एसटीएफ) की एक टीम को दरभंगा भेजा गया है. फोरेंसिक विशेषज्ञों और श्वान दस्तों को जांच में लगाया गया है.” अधिकारी ने बताया कि मौके पर मौजूद वस्तुओं में कमरे के भीतर पाया गया तीन गिलास भी शामिल है, जिनमें कुछ तरल पदार्थ पाए गए हैं जिनकी जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि घर में तीन मोटरसाईिकल भी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है के तीनो दोपहिया किसके हैं .
उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर एक आलमारी मिली है, जो पहले कमरे में हुआ करती थी, वहां से कुछ रूपये और कुछ कागजात भी बरामद किये गये हैं . ये चीजों बाहर मिली हैं और इन सबकी जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि सहनी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. मृतक के सीने और पेट पर किसी तेज धार हथियार से हमला कर गहरे घाव किए गए हैं. इससे पहले, दरभंगा जिले के घनश्यामपुर थाने के जिरात गांव में स्थित सहनी के आवास का निरीक्षण करने पहुंचे पुलिस उपमहानिरीक्षक बाबूराम ने बताया था कि मौके पर कमरे में तीन खाली ग्लास मिले हैं.
उन्होंने बताया, ”घर के पीछे से अलमारी की बरामदगी से शुरू में हमलोगों को लगा था यह मामला चोरी का होगा. लेकिन बाद में जो महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं वह चोरी से अलग संकेत कर रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीतन सहनी की हत्या की घटना को अत्यंत दुखद बताया तथा पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने पुलिस महानिदेशक को मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार, नीतीश ने पूर्व मंत्री मुकेश सहनी से फोन पर बातचीत कर उन्हें सांत्वना दी.
दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जगुनाथ रेड्डी के अनुसार, बिरौल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बिरौल थानाध्यक्ष एवं अन्य पुलिसकर्मी घटनास्थल पर मौजूद हैं. रेड्डी ने बताया कि जांच के लिए दरभंगा के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक काम्या मिश्र के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल का गठन किया गया है.
बिहार सरकार में मंत्री रह चुके निषाद समुदाय के नेता मुकेश सहनी विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख हैं और वह स्वयं को ”सन ऑफ मल्लाह” कहते हैं. वीआईपी विपक्षी गठबंधन ”इंडियन नेशनल डेवलेपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस” (इंडिया) की सहयोगी है.
वीआईपी द्वारा सोशल मीडिया मंच ”एक्स” पर एक पोस्ट में कहा गया है, ”हमारे पार्टी के सुप्रीमो मुकेश सहनी जी के पिता जी की बेरहमी से हत्या की गई, जो कि बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है.” पार्टी ने कहा, ”विकासशील इंसान पार्टी का प्रत्येक सदस्य इस दुख भरे समय में मुकेश सहनी जी और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है. निषाद समाज के लिए यह दिन ”काला दिवस” के रूप में जाना जाएगा, लेकिन यह हमें डरा नहीं सकता.
यह घटनाक्रम कानून व्यवस्था पर कई प्रश्नचिन्ह खड़े करता है. हम बिहार सरकार से आग्रह करते हैं कि वह जल्द से जल्द इस घटना की जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का काम करे.” पार्टी सूत्रों ने बताया कि वीआईपी प्रमुख और पूर्व बॉलीवुड तकनीशियन मुकेश सहनी, उस समय मुंबई में थे जब यह दुखद सूचना उन तक पहुंची.
पटना पहुंचने पर दरभंगा जाने के क्रम में सहनी ने हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा कि उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने भी फोन किया था. सहनी ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि दुख की इस घडी में हम आपके साथ हैं और इस घटना पर नजर बनाए हुए हैं और इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा, ”हमारे सभी शुभचिंतकों ने आश्वस्त किया है कि जो दोषी हैं उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. मेरी राज्य सरकार और मुख्यमंत्री जी से आग्रह है कि इस मामले में स्वयं संज्ञान लेते हुए आरोपियों को सजा दिलवायें. सभी लोगों ने त्रासदी की इस घड़ी में एकजुटता व्यक्त की है .” उन्होंने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि क्या उन्हें हत्या को लेकर किसी पर संदेह है. इस बीच, हत्या की घटना के बाद प्रदेश में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.
बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने ”एक्स” पर अपने एक पोस्ट में लिखा है, ”वीआईपी पार्टी के संरक्षक एवं बड़े भाई मुकेश सहनी जी के पिता जी की अपराधियों द्वारा निर्मम हत्या की दु?खद खबर सुन स्तब्ध एवं मर्माहत हूं. शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. ईश्वर परिजनों को इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति एवं दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें.” राजद नेता ने पोस्ट में लिखा, ”प्रदेश में आतंकराज स्थापित हो चुका है. निरंतर कह रहा हूं कि बिहार की डबल इंजन पावर्ड सरकार में सत्ता संपोषित, सत्ता संरक्षित और सत्ता प्रायोजित सरकारी अपराधियों का मनोबल इतना बढ. चुका है कि वो जब चाहे, जहां चाहे, जैसे चाहे, कैसे भी, किसी की भी हत्या कर सकते है.”
उन्होंने आरोप लगाया, ”राजग सरकार सच्चाई स्वीकारने की बजाय वही घिसा-पीटा बयान दोहरती रहती है कि सुशासन का राज है जबकि प्रतिदिन सैकड़ों लोग आपराधिक घटनाओं में अकाल मौत मारे जा रहे है. हम तो क्राइम बुलेटिन भी जारी करते है लेकिन अहंकारी सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता. टायर्ड नेता (मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर इशारा) और रिटायर्ड अधिकारी प्रदेश की विधि व्यवस्था सम्भालेंगे तो यही हश्र होगा.” केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, ”सहनी से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि बिहार सरकार ने घटना को बहुत गंभीरता से लिया है तथा दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.” भाजपा की सहयोगी पार्टी और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पत्रकारों से बातचीत में राजद के नेतृत्व वाले विपक्ष पर पलटवार किया.
उन्होंने कहा, ”जब राजद सत्ता में थी, तो मुख्यमंत्री आवास वास्तव में सभी आपराधिक गिरोहों का मुख्यालय बन गया था. कोई भी नहीं सोच सकता कि नीतीश कुमार के मातहत ऐसी चीजें संभव हैं.” राजग की सहयोगी लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने ”एक्स” पर एक पोस्ट में लिखा, ”विकासशील पार्टी के संरक्षक भाई मुकेश सहनी जी के पिताजी की निर्मम हत्या की घटना बेहद निंदनीय है. दोषियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जल्द से जल्द अपराधियों को चिन्हित कर उचित करवाई की जाएगी. मुकेश सहनी एवं शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी और मेरी पार्टी की गहरी संवेदनाएं हैं.”
निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने ”एक्स” पर लिखा, ”पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी जी की दरभंगा में निर्मम हत्या भाजपा के ”रावणराज” का पुख़्ता प्रमाण है. राज्य में हत्या दर हत्या से कोहराम मचा है. नीतीश कुमार के शासन का इकबाल समाप्त हो गया है. अब प्रशासन अपराधियों के बजाय निर्दोषों को फंसाने का निज.ाम बन गया है. दुख की इस घड़ी में हम सहनी परिवार के साथ हैं.” उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा कि यह घटना साबित करती है कि बिहार में अपराधियों और राजनेताओं के बीच गठजोड़ है. उन्होंने कहा ”नीतीश बाबू के सुशासन का क्या हुआ. क्या यही सुशासन है. इस मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच होनी चाहिए… और इस मामले में शीघ्रता से सुनवाई होनी चाहिए.”
वीआईपी प्रमुख के पिता की हत्या ने साबित कर दिया कि बिहार में है ‘जंगल राज’: मनोज झा
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता मनोज झा ने मंगलवार को कहा कि विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी के पिता की हत्या ने बिहार में कानून व्यवस्था की ‘अराजक स्थिति’ को उजागर कर दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि इसने साबित कर दिया है कि राज्य में ‘जंगल राज’ है.
पुलिस ने मंगलवार को बताया किमुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की बिहार के दरभंगा जिले में उनके पैतृक घर में कथित रूप से हत्या कर दी गयी. जीतन सहनी अपने कमरे में मृत पाये गये. उनकी छाती और पेट में धारदार हथियार से वार किये जाने के निशान थे.
झा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी जी के पिता की नृशंस हत्या ने एक बार फिर बिहार में कानून-व्यवस्था की अराजक स्थिति को उजागर कर दिया है. सरकार जनता के भरोसे चलती है और यह विश्वास शून्य सूचकांक पर है.”