डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में चूक की पूरी जिम्मेदारी अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने ली…

अमेरिका: पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले के मामले में सुरक्षा में चूक की पूरी जिम्मेदारी अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने ली है। सीक्रेट सर्विस के कार्यवाहक प्रमुख रोनाल्ड रोवे ने प्रेस कॉन्फ्रेस के दौरान ये बयान दिया।

उन्होंने ट्रंप की हत्या की कोशिश को लेकर कहा कि इस घटना को लेकर स्थानीय एजेंसियां सुरक्षा उल्लंघन के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। ये सीक्रेट सर्विस की विफलता ही थी कि पूर्व राष्ट्रपति की सुरक्षा में इस तरह की चूक हुई।

रोवे ने कहा कि सीक्रेट सर्विस 13 जुलाई की दुखद घटनाओं की पूरी जिम्मेदारी लेती है। यह एक मिशन विफलता थी। हमारी एजेंसी की एकमात्र जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि हमारे द्वारा संरक्षित लोग कभी भी खतरे में न पड़ें। बटलर में हम इस जिम्मेदारी को निभाने में नाकाम हुए। अब मैं यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा हूं कि यह विफलता दोबारा न हो।

रोवे ने आगे कहा कि सीक्रेट सर्विस 13 जुलाई की घटना की जांच में कांग्रेस, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के महानिरीक्षक कार्यालय और राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा निर्देशित स्वतंत्र समीक्षा में सहयोग करना जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि मैं उन रिपोर्टों के पूरा होने का इंतजार नहीं कर रहा हूं।

मैंने सीक्रेट सर्विस को यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया है कि हमारे संरक्षित लोग वास्तव में सुरक्षित रहें। मैं बटलर, पेंसिल्वेनिया में सीक्रेट सर्विस की विफलता के लिए जवाबदेही तय करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। हालांकि मैं एक चीज साफ कर देना चाहता हूं कि यदि एजेंसी के मिशन एश्योरेंस रिव्यू द्वारा गुप्त सेवा कर्मियों द्वारा नीति उल्लंघन की पहचान की जाती है, तो उन व्यक्तियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्हें हमारी निष्पक्ष और संपूर्ण अनुशासनात्मक प्रक्रिया के प्रति जवाबदेह ठहराया जाएगा।

ट्रंप पर कैसे हुआ हमला यह भी बताया

13 जुलाई की घटनाओं का क्रम बताते हुए उन्होंने कहा कि शाम 5.30 बजे, ट्रम्प सीक्रेट सर्विस मोटरसाइकिल के माध्यम से अभियान रैली में पहुंचे। वहां उन्होंने सुरक्षात्मक स्थल के भीतर एक सुरक्षित बैकस्टेज क्षेत्र में समर्थकों से मुलाकात की।

इसके बाद शाम 5.45 बजे, एक स्थानीय बटलर काउंटी आपातकालीन सेवा इकाई काउंटर स्नाइपर टीम के सदस्य ने सीक्रेट सर्विस काउंटर स्नाइपर टीम लीडर को एक संदिग्ध व्यक्ति के बारे में संदेश भेजा और उस व्यक्ति की दो तस्वीरें भेजीं। जिसे बाद में हमलावर के रूप में पहचाना गया।

शाम 5.53 बजे, सीक्रेट सर्विस काउंटर स्नाइपर टीम लीडर ने सीक्रेट सर्विस काउंटर स्नाइपर टीमों को संदेश भेजा कि स्थानीय कानून प्रवर्तन एजीआर बिल्डिंग के आसपास छिपे हुए परिधि के बाहर एक संदिग्ध व्यक्ति की तलाश कर रहा है। इस वक्त तक सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स इस आधार पर काम कर रहे थे कि स्थानीय कानून प्रवर्तन एक संदिग्ध व्यक्ति के मुद्दे पर काम कर रहा था।

शाम 6 बजे, पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ने टिप्पणी शुरू करने के लिए मंच संभाला। इसके बाद शाम 6.11 बजे, पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प के सुरक्षा विभाग के एक सदस्य ने रेडियो अपडेट के बारे में पूछताछ करने के लिए अपने पिट्सबर्ग फील्ड कार्यालय में समकक्ष से संपर्क किया।

रोवे ने असफल हत्या प्रयास की टाइमिंग के बारे में बताते हुए कहा कि शाम 6.11 बजे, हमलावर ने पहली बार तीन गोलियां चलाईं और तीन सेकंड के भीतर, पूर्व राष्ट्रपति के साथी मंच पर पहुंचे और ट्रंप को अपने शरीर से कवर दिया। उन्होंने आगे कहा कि चार से लेकर आठ शॉट अगले कई सेकंड में हुए। वहीं, हमलावर की पहली गोली के साढ़े पंद्रह सेकंड बाद एक सीक्रेट सर्विस काउंटर स्नाइपर ने एक राउंड फायर किया जिससे हमलावर ढेर हो गया।

उन्होंने कहा कि मेरे पास अभी जो जानकारी है उसके आधार पर न तो सीक्रेट सर्विस काउंटर-स्नाइपर टीमों और न ही पूर्व राष्ट्रपति के सुरक्षा सदस्यों को कोई जानकारी थी कि एजीआर भवन की छत पर एक आदमी बंदूक के साथ था। मुझे लगता है कि कर्मियों को तब तक पता नहीं था कि हमलावर के पास बंदूक है, जब तक उन्होंने गोलियों की आवाज नहीं सुनी।

सीक्रेट सर्विस की मुख्य भूमिका राष्ट्रपति, पूर्व राष्ट्रपतियों और उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा करना है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों को भी सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा भी मिलती है।

पत्रकारों से वार्ता करते हुए सीक्रेट सर्विस के अंतरिम प्रमुख रोनाल्ड ने कहा कि पिछले महीने हुए हमले की इस घटना में सुरक्षा विफलताओं के लिए पेंसिल्वेनिया में स्थानीय पुलिस को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। सीक्रेट सर्विस को उस छत को ढंकना चाहिए था। हमें उस पर बेहतर नजर रखनी चाहिए थी।

गौरतलब है कि इससे पहले, इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी कांग्रेस को दी गई गवाही में रोवे ने इस विफलता का ठीकरा स्थानीय एजेंसियों पर फोड़ा था। उन्होंने सुरक्षा विफलता के लिए स्थानीय कानून प्रवर्तन को जिम्मेदार ठहराया था। ट्रंप पर हमला अमेरिकी इतिहास में एक गंभीर सुरक्षा चूक थी। इसके लिए सीक्रेट सर्विस के तत्कालीन निदेशक किम्बर्ली चीटल को कांग्रेस के दबाव में अपने पद से इस्तीफा देना पड़ गया था।

कैसे हुआ ट्रंप पर हमला

बीते माह की 13 तारीख को अमेरिका में जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक रैली को संबोधित कर करे थे उस वक्त एक हमलावर ने काफी उंचाई वाली जगह से ट्रंप पर एक के बाद एक कई गोलियां दागी। इस घटना का जो वीडियो सामने आया था, उसमें ट्रंप के कान के पास से खून निकलता देखा गया था। इस हमले में पूर्व राष्ट्रपति बाल-बाल बच गए। इस पूरी घटना के पीछे जिस शख्स की पहचान हुई वो महज 20 साल का थॉमस मैथ्यू क्रुक्स था। उसे गोलीबारी के तुरंत बाद ही एक स्नाइपर ने मार गिराया था।

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