
ढाका: बांग्लादेश में शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश से भागने के बाद से जमात इस्लामी और मुख्य विपक्षी पार्टी बीएपी के समर्थक और प्रदर्शनकारी छात्र विरोध प्रदर्शन की नई कहानी लिख रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की आड़ में कुछ कट्टरपंथी लोग हिंदुओं को निशाना बना रहे हैं। इसके बाद शुक्रवार को सैंकड़ों बांग्लादेशी हिंदुओं ने ढाका में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह देश सभी का है। इसके साथ ही समुदाय की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाने की मांग भी की है।
Hindu minorities are protesting in different parts of #Bangladesh against the ongoing anti-Hindu violence.
Right now, a protest rally is going on in front of the National Press Club, #Dhaka
Large numbers of Hindu youths are there at the rally. pic.twitter.com/lIJxlGVj19
— ChoosyBluesy (@ChoosyBluesy) August 9, 2024
रैली निकाल कर प्रदर्शन कर रहे हिंदुओं ने नारे लगाते हुए कहा कि यह देश किसी के बाप का नहीं है। हमने खून दिया है। जरूरत पड़ी तो फिर से खून देंगे। हम बांग्लादेश नहीं छोड़ेंगे। इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश के सोशल वर्कर पर भी निशाना साधा है। जिन्होंने हिंसा से अब तक चुप्पी साधे रखी है।
रैली में शामिल एक युवक कनु कुमार ने कहा हिंदू समुदाय अपने घरों और दुकानों की सुरक्षा चाहता है। इस दौरान उन्होंने एक मंत्रालय और अल्पसंख्यक सुरक्षा आयोग की मांग भी की। इसके साथ ही अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों को रोकने के लिए उन्होंने सख्त कानून बनाने और उसे लागू करने, संसद में अल्पसंख्यकों के लिए 10 प्रतिशत सीटें रिजर्व करने की मांग की।
शेख हसीना के हटने के बाद हिंदुओं पर हमले बढ़े
बांग्लादेश हिंदू, बौद्ध ईसाई की ओइक्या परिषद् के अनुसार शेख हसीना के सत्ता के हटने के बाद से ही देश के 64 में से 52 जिलों में अल्पसंख्यक समुदायों के उत्पीड़न की 205 घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं। संगठन ने देश के अंतरिम नेता मोहम्मद यूनुस को लिखे पत्र में कहा कि देशभर के अल्पसंख्यकों में गहरी आशंका, चिंता और अनिश्चितता है।



