
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के विवादित बयान को लेकर सोमवार को सत्तारूढ. दल और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला तथा आरोप लगाया की किसान विरोधी विचारधारा मोदी सरकार का डीएनए है. मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा की यदि सत्तारूढ. दल अपनी सांसद की टिप्पणियों से असहमत है तो उन्हें पार्टी से बाहर करे. भाजपा ने सोमवार को अभिनेत्री व सांसद कंगना रनौत के उस बयान से असहमति जताते हुए किनारा कर लिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पंजाब में किसान आंदोलन के नाम पर उपद्रवी हिंसा फैला रहे थे और वहां बलात्कार तथा हत्याएं हो रही थीं.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर पोस्ट किया, “खुद प्रधानमंत्री मोदी जी ने भरी संसद में किसानों को ह्लआंदोलनजीवीह्व और ह्लपरजीवीह्व की अपमानजनक संज्ञा दी थीङ्घ यहाँ तक की संसद में शहीद किसानों के लिए दो मिनट का मौन रखने से भी इंकार कर दिया. मोदी जी ने एमएसपी पर कमेटी और किसान की आय दोगुनी करने का झूठा वादा भी किया था. ” उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी ये सब खुद कर सकते हैं तो उनके समर्थकों से शहीद किसानों के अपमान के सिवा देश और क्या उम्मीद रख सकता है !
खरगे ने आरोप लगाया, “ये शर्मनाक और घोर निंदनीय किसान विरोधी विचारधारा मोदी सरकार का डीएनए है. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, “किसानों से किए वादों को पूरा करने में नाकाम मोदी सरकार का दुष्प्रचार तंत्र लगातार किसानों का अपमान करने में जुटा हुआ है. 378 दिन चले मैराथन संघर्ष के दौरान 700 साथियों का बलिदान देने वाले किसानों को भाजपा सांसद द्वारा बलात्कारी और विदेशी ताकतों का नुमाइंदा कहना भाजपा की किसान विरोधी नीति और नीयत का एक और सबूत है.” उन्होंने कहा कि ये शर्मनाक किसान विरोधी बोल पश्चिमी उत्तरप्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत पूरे देश के किसानों का घोर अपमान है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता.
कांग्रेस नेता ने दावा किया, “किसान आंदोलन वापस लेते समय बनी सरकारी समिति आज भी ठंडे बस्ते में है, एमएसपी पर सरकार अपना रूख आज तक साफ नहीं कर सकी, शहीद किसानों के परिवारों को किसी तरह की राहत नहीं दी गयी और ऊपर से लगातार उनका चरित्र हनन जारी है.” उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं का निरादर और उनके मान सम्मान पर हमला करने से किसानों से किया गया मोदी सरकार का धोखा छुप नहीं सकता.
राहुल गांधी ने कहा, “नरेन्द्र मोदी और भाजपा कितनी भी साजिश कर लें, ‘इंडिया’ गठबंधन किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी दिलवा कर रहेगा.” कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने संवाददाताओं से कहा, ”किसी नेता ने आज तक अन्नदाताओं के खिलाफ उन शब्दों का इस्तेमाल नहीं था जो कंगना रनौत ने किए हैं.” उनका कहना था, ”कंगना के बयान पर आक्रोश पैदा हुआ तो भाजपा से उसका आधिकारिक रुख के बारे में पूछा गया. हरियाणा का चुनाव का नजदीक है और पता है कि भाजपा हारने जा रही है. ऐसे में भाजपा की तरफ से एक बयान आया जिसमें कंगना की टिप्पणियों से असहमति जताई गई.” कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अगर यह भाजपा का मत नहीं है तो कंगना को पार्टी से निकालिए.
उन्होंने कहा, ”जिसने किसानों के बारे में यह बात की है उसे संसद में बैठने का हक नहीं है. कंगना से कहिए कि वह किसानों से माफी मांगें या फिर भाजपा माफी मांगे.” उन्होंने कहा, ”आपकी (भाजपा) सांसद कह रही हैं कि दो विदेशी ताकतें अमेरिका और चीन, भारत में अस्थिरता एवं अशांति पैदा करने की साजिश कर रहे थे. विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय को बताना चाहिए कि क्या यह सच है? अगर यह सच नहीं है तो सरकार बताना चाहिए कि ऐसा नहीं है.” उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्टीकरण आना चाहिए.
सुप्रिया ने कहा कि अगर विदेशी ताकतें देश में अशांति पैदा कर रही हैं तो नरेन्द्र मोदी सरकार कमजोर है.
कंगना का बयान भाजपा की किसान विरोधी नीति का एक और सबूत: राहुल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत का विवादित बयान भाजपा की किसान विरोधी नीति एवं नीयत का एक और सबूत है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि किसानों से किए वादों को पूरा करने में नाकाम मोदी सरकार का दुष्प्रचार तंत्र लगातार किसानों का अपमान करने में जुटा हुआ है. भाजपा ने सोमवार को कंगना रनौत के उस बयान से असहमति जताते हुए किनारा कर लिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पंजाब में किसान आंदोलन के नाम पर उपद्रवी हिंसा फैला रहे थे और वहां बलात्कार तथा हत्याएं हो रही थीं.
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “किसानों से किए वादों को पूरा करने में नाकाम मोदी सरकार का दुष्प्रचार तंत्र लगातार किसानों का अपमान करने में जुटा हुआ है. 378 दिन चले मैराथन संघर्ष के दौरान 700 साथियों का बलिदान देने वाले किसानों को भाजपा सांसद द्वारा बलात्कारी और विदेशी ताकतों का नुमाइंदा कहना भाजपा की किसान विरोधी नीति और नीयत का एक और सबूत है.” उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक किसान विरोधी बोल पश्चिमी उत्तरप्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत पूरे देश के किसानों का घोर अपमान है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता.
कांग्रेस नेता ने दावा किया, “किसान आंदोलन वापस लेते समय बनी सरकारी समिति आज भी ठंडे बस्ते में है, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकार अपना रूख आज तक साफ नहीं कर सकी, शहीद किसानों के परिवारों को किसी तरह की राहत नहीं दी गयी और ऊपर से लगातार उनका चरित्र हनन जारी है.” उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं का निरादर और उनके मान सम्मान पर हमला करने से किसानों से किया गया मोदी सरकार का धोखा छुप नहीं सकता. राहुल गांधी ने कहा, “नरेन्द्र मोदी और भाजपा कितनी भी साजिश कर लें, ‘इंडिया’ गठबंधन किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी दिलवा कर रहेगा.”



