असम : ‘मिया’ मुद्दे पर नागांव के मछली व्यापारियों ने ऊपरी असम में आपूर्ति रोकी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 27 Aug 2024 07:42 PM
असम : ‘मिया’ मुद्दे पर नागांव के मछली व्यापारियों ने ऊपरी असम में आपूर्ति रोकी
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नागांव/शिवसागर. असम के नागांव जिले के मछली व्यापारियों के एक वर्ग ने मंगलवार को घोषणा की कि वे ‘मिया’ समुदाय के खिलाफ आंदोलन के जवाब में अनिश्चितकाल के लिए अपने उत्पाद ऊपरी असम में नहीं भेजेंगे. नागांव से प्रतिदिन लगभग चार क्विंटल मछलियों की आपूर्ति ऊपरी असम क्षेत्र में की जाती है. ऊपरी असम क्षेत्र में नौ जिले शामिल हैं.

नागांव में मछली व्यापारियों के एक संघ ने ऊपरी असम के जिलों में मछली की आपूर्ति अनिश्चित काल के लिए निलंबित करने का फैसला किया है. नागांव जिले के धींग में एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर लोगों का एक वर्ग मिया समुदाय को निशाना बना रहा है. मछलियों के व्यापारियों ने इसके विरोध में यह फैसला किया है.

ग्रेटर जुरिया फिश कीपर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष इब्राहिम खान ने कहा, ”धींग की घटना के बाद, जिसकी हम सभी निंदा करते हैं, ऊपरी असम के जिलों में कुछ समूहों ने मिया लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. यह स्वीकार्य नहीं है और इसलिए हमने उन क्षेत्रों में मछली का निर्यात बंद करने का फैसला किया है.” ‘मिया’ मूलत? असम में बंगाली भाषी मुसलमानों के लिए प्रयुक्त एक अपमानजनक शब्द है तथा गैर-बांग्ला भाषी लोग आमतौर पर उन्हें बांग्लादेशी विस्थापित के रूप में पहचानते हैं.

हाल के वर्षों में, समुदाय के कार्यकर्ताओं ने मिया शब्द को अवज्ञा के संकेत के रूप में अपनाना शुरू कर दिया है. खान ने कहा कि ऊपरी असम में हर दिन लगभग चार क्विंटल मछली की आपूर्ति की जाती है. धींग दुष्कर्म की घटना के बाद ऊपरी असम में विशेष रूप से शिवसागर जिले में कई समूहों ने ‘मिया’ लोगों को एक अल्टीमेटम जारी करते हुए उन्हें एक सप्ताह के भीतर वहां से चले जाने को कहा था. नागांव जिले के धींग में 22 अगस्त की शाम को 14 वर्षीय एक लड़की के साथ तीन लोगों ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया, जब वह ट्यूशन कर साइकिल से घर लौट रही थी.

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