निजी लोगों के लिए परमाणु क्षेत्र को खोलने का निर्णय क्रांतिकारी : जितेंद्र सिंह

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 05 Feb 2025 09:23 PM
निजी लोगों के लिए परमाणु क्षेत्र को खोलने का निर्णय क्रांतिकारी : जितेंद्र सिंह
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नयी दिल्ली. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि असैन्य परमाणु क्षेत्र को खोलने का भारत का निर्णय एक क्रांतिकारी कदम है, जिससे परमाणु ऊर्जा देश की ऊर्जा आवश्यकताओं के मुख्य स्रोतों में से एक बन जाएगी. सिंह ने ‘पीटीआई वीडियो’ के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि केंद्रीय बजट में घोषित असैन्य परमाणु क्षेत्र को खोलने का निर्णय भारत को 2070 तक ‘नेट जीरो’ उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी मदद करेगा, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2021 में ग्लासगो में जलवायु शिखर सम्मेलन में की थी.

परमाणु ऊर्जा विभाग के प्रभारी सिंह ने कहा, ”परमाणु क्षेत्र को खोलने का यह निर्णय आम बजट का सबसे क्रांतिकारी निर्णय है. यह दुनिया भर में चर्चा का विषय होगा.” शनिवार को केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2047 तक कम से कम 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का विकास ‘हमारे ऊर्जा स्रोत परिवर्तन के प्रयासों के लिए आवश्यक है’.

उन्होंने कहा, ”इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निजी क्षेत्र के साथ सक्रिय भागीदारी के लिए परमाणु ऊर्जा अधिनियम और परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम में संशोधन किए जाएंगे.” सिंह के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि परमाणु क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोलने के निर्णय का देश में दूरगामी और रचनात्मक प्रभाव पड़ेगा.

सिंह ने कहा, ”भविष्य में, परमाणु ऊर्जा भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं के मुख्य स्रोतों में से एक के रूप में उभरेगी.” उन्होंने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वैकल्पिक स्रोत आवश्यक हैं. मंत्री ने कहा कि 2030 तक देश की 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकताओं को स्वच्छ स्रोतों से पूरा किया जाएगा.

केंद्रीय बजट में परमाणु ऊर्जा मिशन की भी घोषणा की गई है, जिसके तहत 2033 तक देश में पांच स्वदेशी रूप से विकसित छोटे परमाणु रिएक्टरों का निर्माण किया जाएगा. सिंह ने कहा कि भारत ने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर पर शोध भी शुरू किया है, जिन्हें भारत लघु रिएक्टर कहा जाएगा.

उन्होंने कहा, ”यह स्वदेशी होगा और इससे छोटी विनिर्माण इकाइयों को लाभ होगा. छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों की बिजली उत्पादन क्षमता 30-300 मेगावाट के बीच है. हमारे कई मौजूदा रिएक्टर इसी श्रेणी में आते हैं.” सिंह ने कहा, ”इन रिएक्टरों को एसएमआर में बदला जा सकता है.” सिंह ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र को सार्वजनिक निजी भागीदारी के लिए खोलने का ऐतिहासिक फैसला भी लिया था.

उन्होंने कहा, ”पहले अंतरिक्ष क्षेत्र में केवल एक स्टार्टअप था, अब बढ.कर 300 स्टार्टअप हो गए हैं. भारी मात्रा में विदेशी निवेश किया जा रहा है.” सिंह ने कहा, ”60-70 सालों में जिस पर गोपनीयता का आवरण था और जिसके कारण संसाधनों की कमी थी, वह (क्षेत्र) अब तेजी से बढ. रहा है. यह सब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के कारण हुआ है.”

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