जयशंकर ने ओमान के अपने समकक्ष के साथ व्यापार, निवेश और ऊर्जा सहयोग पर की चर्चा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 16 Feb 2025 08:48 PM
जयशंकर ने ओमान के अपने समकक्ष के साथ व्यापार, निवेश और ऊर्जा सहयोग पर की चर्चा

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मस्कट. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को ओमान के अपने समकक्ष बद्र अलबुसैदी के साथ व्यापार, निवेश और ऊर्जा सुरक्षा में द्विपक्षीय सहयोग पर व्यापक चर्चा की. जयशंकर आठवें हिंद महासागर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ओमान की राजधानी मस्कट पहुंचे हैं.

जयशंकर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”आज सुबह ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी से मिलकर बहुत खुशी हुई. (मैं) आठवें हिंद महासागर सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी करने में उनके व्यक्तिगत प्रयासों की सराहना करता हूं.” उन्होंने लिखा, ” व्यापार, निवेश और ऊर्जा पर परस्पर सहयोग पर हमने व्यापक चर्चा की.” दोनों नेताओं ने राजनयिक संबंधों की 70 वीं वर्षगांठ पर संयुक्त रूप से प्रतीक चिह्न जारी किया.

उन्होंने ‘मांडवी टू मस्कट: इंडियन कम्युनिटी एंड शेयर्ड हिस्ट्री ऑफ इंडिया एंड ओमान’ नामक एक पुस्तक का भी संयुक्त रूप से विमोचन किया. बाद में जयशंकर ने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से भी भेंट की. उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा,”आज दोपहर ईरान के विदेश मंत्री अराघची से मिलकर खुशी हुई. (हमने) द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्र में विकास के बारे में बात की.” जयशंकर ने ब्रुनेई के विदेश मंत्री दातो एरीवान पेहिन यूसुफ के साथ भी गर्मजोशी से भेंटवार्ता की.

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ”आज सुबह ब्रुनेई के विदेश मंत्री दातो एरीवान पेहिन यूसुफ के साथ गर्मजोशी से बातचीत हुई. (हमने) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सितंबर 2024 की ब्रुनेई यात्रा के परिणामों पर चर्चा की. क्षेत्र पर उनकी अंतदृष्टि और भारत-आसियान साझेदारी के लिए उनके समर्थन की मैं सराहना करता हूं.” जयशंकर ने अपने भूटानी समकक्ष डी एन धुंग्येल से मुलाकात की और द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के बारे में बातचीत की.

उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”आज मस्कट में भूटान के विदेश मंत्री डी एन धुंग्येल से बात करके खुशी हुई. हमारी चर्चा हमारे द्विपक्षीय और क्षेत्रीय सहयोग को बढ.ाने पर केंद्रित थी. हमने अनूठी और समय की कसौटी पर खरी उतरी आपसी साझेदारी की गतिशीलता को रेखांकित किया.” जयशंकर ने हिंद महासागर सम्मेलन के इतर श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से भी मुलाकात की.

सम्मेलन में जयशंकर ने हिंद महासागर को “वैश्विक जीवन रेखा” बताते हुए क्षेत्र के देशों से इसके विकास, संपर्क, समुद्री और सुरक्षा संबंधी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एक-दूसरे का ख्याल रखने, अपनी ताकत को बढ.ाने और अपनी नीतियों का समन्वय करने की अपील की. इस सम्मेलन की मेजबानी ओमान ने की. ओमान सरकार का कहना है कि अगस्त 2024 में उसके देश में रह रहे भारतीयों की संख्या करीब 664,783 है.

By Yogesh Kumar Sahu