मणिपुर में समर्पण अभियान के दौरान लोगों ने एक हजार से अधिक हथियार सुरक्षा बलों को सौंपे: पुलिस

Author: navabharat digital
UPDATED: Fri, 07 Mar 2025 01:38 PM
मणिपुर में समर्पण अभियान के दौरान लोगों ने एक हजार से अधिक हथियार सुरक्षा बलों को सौंपे: पुलिस
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इंफाल: जातीय ंिहसा प्रभावित मणिपुर में लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को स्वेच्छा से सौंपने की दो सप्ताह की समयसीमा के दौरान लोगों ने सुरक्षा बलों को गोला-बारूद समेत एक हजार से अधिक हथियार सौंपे। पुलिस ने समय सीमा समाप्त होने के एक दिन बाद शुक्रवार को यह जानकारी दी।

हालांकि, यह आंकड़ा अस्थाई है और इंफाल में अधिकारियों के पास सभी जिलों से विवरण पहुंचने के बाद सौंपे गए हथियारों की वास्तविक संख्या बढ़ने की संभावना है। इंफाल पूर्वोत्तर राज्य की राजधानी है, जहां फिलहाल राष्ट्रपति शासन लागू है।

अधिकारी यहां लूटे गए हथियारों और अवैध रूप से खरीदे गए हथियारों को अलग करेंगे। अधिकारी ने कहा, ‘‘समर्पण अवधि के दौरान घाटी के पांच जिलों, पांच पहाड़ी जिलों और जिरीबाम में लोगों द्वारा लगभग 1,023 हथियार सौंप दिए गए हैं।’’ पूर्वोत्तर राज्य के शेष पांच जिले नगा बहुल हैं, जहां तीन मई 2023 के बाद से जातीय ंिहसा की कोई सूचना नहीं हैं।

अन्य 11 जिलों में तीन मई 2023 से अब तक मेइती समुदाय और कुकी समुदाय के बीच संघर्ष में कम से कम 250 लोग मारे गए और हजारों लोग बेघर हो गए। पहाड़ी क्षेत्र कुकी समुदाय बहुल इलाके हैं जबकि घाटी इलाकों में मेइती समुदाय के लोगों की बहुलता है।

मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने 20 फरवरी को लोगों से सुरक्षा बलों से लूटे गए हथियारों और अवैध रूप से रखे गए अन्य हथियारों को सात दिनों के भीतर स्वेच्छा से सौंपने का आग्रह किया था। पर्वतीय और घाटी दोनों क्षेत्रों के लोगों की ओर से अतिरिक्त समय की मांग के बाद समयसीमा को छह मार्च शाम चार बजे तक बढ़ाया गया था।

प्रशासन ने लोगों को आश्वासन दिया था कि इस अवधि के भीतर अपने हथियार सौंपने वालों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी और इस बात पर बल दिया था कि ‘यह सभी के लिए शांति, सांप्रदायिक सद्भाव, हमारे युवाओं के भविष्य तथा हमारे समाज की सुरक्षा में योगदान देने का अंतिम अवसर है’।

उन्होंने बताया कि सौंपे गए हथियारों में 9 एमएम पिस्तौल, सब-मशीन गन (एसएमजी), कोल्ट-मशीन गन (सीएमजी), सेल्फ-लोंिडग राइफल (एसएलआर), संशोधित स्राइपर, चीनी ग्रेनेड, इंसास और एके 56 राइफल शामिल हैं।

इसके अलावा, लोगों ने पिछले दो सप्ताह के दौरान ‘बुलेटप्रूफ जैकेट’, ‘हेलमेट’, ‘रेडियो सेट’, वर्दी, जूते और स्थानीय रूप से निर्मित मोर्टार (पोम्पी) जैसी सामग्री भी सौंपी। पुलिस ने एक बयान में कहा कि स्वेच्छा से हथियार सौंपने की समय सीमा समाप्त होने के बाद संयुक्त सुरक्षा बलों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में तलाशी अभियान के तहत 36 हथियार, 129 गोला-बारूद, सात विस्फोटक, 21 अन्य वस्तुएं बरामद कीं और 15 अवैध बंकरों को नष्ट कर दिया।

मुख्यमंत्री एन. बीरेन ंिसह के इस्तीफे के बाद केंद्र ने 13 फरवरी को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था और राज्य विधानसभा को निलंबित कर दिया गया। विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक था।

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